मिडिल ईस्ट संकट के बीच दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट की 175 इंटरनेशनल उड़ानें रद्द, मचा हडकंप
मिडिल ईस्ट संकट के कारण दिल्ली और बेंगलुरु हवाईअड्डों पर कम से कम 175 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं। गुरुवार को अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका-इजरायल-ईरान के बढ़ते संघर्ष के चलते कई एयरलाइंस ने पश्चिम एशिया से फंसे यात्रियों को लाने-ले जाने हेतु सीमित उड़ानें शुरू कीं।
गुरुवार को मुंबई हवाईअड्डे पर कुल 105 उड़ानें (40 प्रस्थान, 65 आगमन) रद्द हुईं। दिल्ली और बेंगलुरु हवाईअड्डों पर भी क्रमशः 22 प्रस्थान/18 आगमन तथा 16 प्रस्थान/14 आगमन उड़ानें निरस्त की गईं।

बृहस्पतिवार को स्पाइसजेट ने 13 विशेष उड़ानें संचालित कीं। अकासा एयर ने मुंबई से जेद्दाह की वापसी उड़ान भरी। 'एक्स' पर अकासा एयर ने बताया कि अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत उड़ानें 7 मार्च 2026 तक निलंबित रहेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ान परिचालन 28 फरवरी से बाधित है, जिससे हजारों यात्रियों की यात्राएं प्रभावित हुई हैं। नागर विमानन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 4 मार्च को भारतीय हवाईअड्डों से 381 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रवाना हुईं और 69,745 यात्रियों ने सफर किया था।
कतर एयरवेज ने 'एक्स' पर बताया कि 5 मार्च 2026 को अस्थायी हवाई क्षेत्र बंदी के मद्देनजर प्रभावित यात्रियों के लिए उसने सीमित राहत उड़ानें शुरू कीं। एमिरेट्स ने 'एक्स' पर बताया कि आंशिक रूप से हवाई क्षेत्र खुलने के बाद, वे अगली सूचना तक सीमित उड़ानें संचालित कर रहे हैं।
एयर इंडिया ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से उड़ान नहीं भरेगा। 'एक्स' पर एयर इंडिया ने कहा, "प्रत्येक यात्रा को सुरक्षित, नियमों के अनुरूप और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए वास्तविक समय की जानकारी, वैश्विक सलाह और निरंतर निगरानी का उपयोग कर उड़ान मार्गों की योजना बनाई जाती है।"












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