दुश्मनों की खतरनाक मिसाइलों को नष्ट करने वाला मेारमुगाओ समुद्र में उतरा
मुंबई। दुश्मनों की मिसाइलों को तुरंत नष्ट कर देने वाले मोरमुगाओ जहाज को आज भारतीय नेवी ने समुद्र में उतार दिया है। भारतीय नेवी ने प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाए गए दूसरे जहाज को मुंबई में विधिवत तरीके से पानी में उतारा।

इस दौरान मझगांव डॉकयार्ड के पुजारी श्री पुराणिक ने जहाज की पूजा की। इस समारोह में एडमिरल एस लांबा सीएनएस और उनकी पत्नी रीना लांबा मौजूद थे।
इस मौके पर कंट्रोलर वॉरशिप प्रोडेक्शन एंड एक्यूजिशन वाइस एडमिरल जीएस पब्बी ने कहा कि नेवी का लक्ष्य का है कि वर्ष 2027 तक उसके काफिले में 212 पानी के जहात शामिल हो जाएं। यह एक कठिन टॉस्क है और इसके लिए हमें खूब मेहनत करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय नेवी ने अपने काफिले में पांच शिप शामिल किए हैं। इनमें से तीन वॉरशिप हैं। पहली बार भारतीय नौसेना दस शिप 15ए और 15बी श्रेणी के बना रही है।
वर्ष 2011 में चार 15बी शिप बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 29,700 करोड रुपए का आवंटन किया था। इस योजना के तहत पहले 15बी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शिप को विशाखापट्टनम में 20 अप्रैल, 2015 को लांच किया जा चुका है।
पिछले छह साल मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहे हैं। वर्ष 2010 से अभी तक हर साल भारतीय नेवी को एक वॉरशिप शिप मिल रहा है। इससे पहले आईएनएस शिवालिक, आईएनएस सतपुरा, आईएनएस सहयाद्री भी भारतीय नौ सेना को मिल चुके हैं।












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