अहमद पटेल की जीत और सियासी ड्रामे से जुड़ी 10 दिलचस्प बातें
कांग्रेस नेता अहमद पटेल को राज्यसभा पहुंचने से रोकने की बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की हर कोशिश नाकाम गई.
बीजेपी में अमित शाह को सियासत में रणनीति का मास्टर माना जाता तो कुछ ऐसी ही पहचान कांग्रेस में अमहद पटेल की है. दोनों के बीच रणनीति की होड़ ने गुजरात राज्यसभा चुनाव को सबसे रोमांचक मुक़ाबले में तब्दील कर दिया.
वैसे दोनों दिग्गज गुजरात से राज्यसभा पहुंच गए हैं. अमित शाह पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं तो अहमद पटेल लगातार पांचवीं बार. लेकिन इस चुनाव के चलते मंगलवार को रात भर सियासी ड्रामा चलता रहा.
'अहमद पटेल की जीत कांग्रेस के लिए संजीवनी बूटी'
'ये मेरी जीत नहीं, पैसे और ताकत की हार भी है'
पटेल की सीट बीजेपी-कांग्रेस के लिए नाक का सवाल क्यों?
सियासी ड्रामे से जुड़े 10 दिलचस्प बातें
- मंगलवार सुबह मतदान के एक घंटे से भी कम वक़्त हुआ था और कांग्रेस के बाग़ी नेता शंकर सिंह वाघेला ने अहमद पटेल की हार पर बयान भी दे दिया. वाघेला ने कहा कि अहमद पटेल को 40 वोट भी नहीं मिलेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि अपना वोट अहमद पटेल को नहीं दिया.
- कांग्रेस के 51 विधायकों में से 44 का समर्थन अहमद पटेल को था. इन 44 विधायकों में से अहमद पटेल को 43 वोट मिले. अहमद पटेल को कुल 44 वोट मिले. अभी तक यह नहीं पता है कि अहमद पटेल को एक और वोट किसने दिया. ऐसा अनुमान है कि जनता दल यूनाइटेड के छोटूभाई वसावा और शरद पवार की एनसीपी के दो विधायकों में से किसी ने वोट दिया है.
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अहमद पटेल
- चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के छह विधायकों ने शंकर सिंह वाघेला के साथ बाग़ी रुख़ अख़्तियार कर लिया था. इनमें से तीन विधायकों ने बीजेपी जॉइन कर लिया था. कांग्रेस के एक विधायक बलवंत सिंह राजपूत इस चुनाव में अहमद पटेल के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे.
- अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत को लेकर बीजेपी को कोई शंका नहीं थी. बीजेपी ने मैदान में तीसरे शख़्स को भी उतारा था और चाहती थी कि अहमद पटेल को राज्यसभा पहुंचने से रोका जा सके.
- चुनाव के बाद वोटों की गिनती आधी रात शुरू हुई. वोटों की गिनती बीच में रोकनी पड़ी क्योंकि बीजेपी ने आपत्ति जताई थी. चुनावी नतीजे रात के दो बजे घोषित किए गए. अहमद पटेल की जीत के बाद रात में ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया.
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अहमद पटेल
- वोटों की गिनती छह घंटे की देरी इसलिए भी हुई क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव आयोग में अपने दो बाग़ी विधायकों के वोट रद्द करने की मांग की थी. बीजेपी के सीनियर नेताओं और कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने चुनाव आयोग जाकर कांग्रेस की मांग का विरोध किया. दोनों पक्षों की तरफ़ से चुनाव आयोग कई टीमें पहुंचीं.
- चुनाव आयोग ने आधी रात के क़रीब अपना फ़ैसला सुनाया. चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दो बाग़ी विधायकों के वोट रद्द करने का फ़ैसला लिया. इसका मतलब यह हुआ कि इस सीट को जीतने के लिए दोनों प्रत्याशियों को 45 की तुलना में 44 वोटों की ज़रूरत रह गई थी.
- चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोटों को रद्द करने का फ़ैसला इसलिए लिया क्योंकि दोनों विधायकों ने मतदान के दौरान बीजेपी पोलिंग एजेंट को अपना बैलेट दिखाया था. चुनाव आयोग का फ़ैसला अहमद पटेल के हक़ में गया.
- अहमद पटेल कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव हैं. ऐसे में बीजेपी ने अहमद पटेल की हार को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया था. गुजरात में शंकर सिंह वाघेला के बागी बनने के बाद अहमद पटेल की जीत कांग्रेस के लिए राहत भरी ख़बर है.
- इस जीत के बाद अमहद पटेल ने ट्वीट किया- 'सत्यमेव जयते'. उन्होंने कहा, ''यह केवल मेरी जीत नहीं है बल्कि शर्मनाक तरीक़े से पैसे, बाहुबल और सरकारी मशनरियों के दुरुपयोग की हार भी है.












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