कबाड़ का इस्तेमाल करके पिता-पुत्र की जोड़ी ने बनाई पीएम मोदी की 14 फीट ऊंची प्रतिमा
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने कबाड़ के सामान से पीएम मोदी की 14 फीट की मूर्ति बनाई है। इस प्रतिमा को भाजपा पार्षद मोहन राजू द्वारा 16 दिसंबर को कर्नाटक के एक पार्क में स्थापित किया जाएगा।
हैदराबाद, 14 सितंबर। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने कबाड़ के सामान से पीएम मोदी की 14 फीट की मूर्ति बनाई है। इस प्रतिमा को भाजपा पार्षद मोहन राजू द्वारा 16 दिसंबर को कर्नाटक के एक पार्क में स्थापित किया जाएगा।

दो महीने में तैयार की मूर्ति
गुंटूर के तेनाली इलाके में रहने वाले मूर्तिकार के वेंकटेश्वर राव और उनके बेटे के रवि चंद्रा ने दो महीने पहले मूर्ति पर काम शुरू किया था। प्रतिमा पूरी तरह से हैदराबाद, विशाखापत्तनम, चेन्नई और गुंटूर की ऑटो मोबाइल कंपनियों द्वारा फेंके गए एक टन से अधिक कचरे का उपयोग करके बनाई गई है। वेंकटेश्वर राव ने कहा कि हमने 10 सदस्यों की एक टीम की मदद से तेनाली के सूर्य सिलपसाला में इस मूर्ति को बनाना शुरू किया।
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टो टन स्कैप का हुआ इस्तेमाल
पीएम मोदी की मूर्ति को बनना के लिए दो टन ऑटोमोबाइल कचरे जैसे बाइक की चेन, गियर, पहिए, लोहे की छड़, नट, बोल्ट और अन्य टूटी फूटी धातुओं का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि परफेक्ट फीचर्स वाली मूर्तियां स्क्रैप से नहीं बनी होती हैं, वह कांसे से बनाई जाती हैं। हमारे पास जो कबाड़ था उससे मोदी जी के चेहरे को हूबहू बनाना मुश्किल था। कलाकारों ने चेहरे के भाव, हेयर स्टाइल, दाढ़ी और चश्मा बनाने के लिए जीआई वायर का इस्तेमाल किया।
इससे पहले बना चुके हैं गांधी जी की प्रतिमा
उन्होंने कहा कि इस मूर्ति को पूरा बनाने में 600 घंटे का समय लगा। वेंकटेश्वर राव पांचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार हैं, जबकि उनके बेटे रवि के पास पाइन आर्ट्स में मास्टर डिग्री है। इससे पहले उन्होंने 75,000 नट और बोल्ट का इस्तेमाल करके महात्मा गांधी की मूर्ति बनाई थी।












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