हिमाचल में जेपी नड्डा की बढ़ती सक्रियता से क्यों खुश है कांग्रेस?

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा प्रदेश की राजनीति में एकाएक सक्रिय हो गए हैं।

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा प्रदेश की राजनीति में एकाएक सक्रिय हो गए हैं। जेपी नड्डा की प्रदेश में बढ़ती सक्रियता से भाजपा तो नहीं लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस गदगद दिखाई दे रही है। आखिर कांग्रेस के इस खुशी के पीछे कारण क्या है?

धूमल और नड्डा गुट के बीच बंटी भाजपा

धूमल और नड्डा गुट के बीच बंटी भाजपा

हिमाचल भाजपा साफ तौर पर इन दिनों धूमल और नड्डा गुटों के बीच बंट गई है। नड्डा को सांसद शांता कुमार का समर्थन हासिल है। कांग्रेसियों का मानना है कि अगर नड्डा को आगे कर भाजपा चुनाव लड़ती है तो उन्हें सत्ता में वापिसी करने में कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। यहां तक की प्रदेश सरकार में मंत्रियों और विधायकों ने अपने क्षेत्र के चुनावी दौरों में यह तक कहना शुरू कर दिया है कि अब कोई डर नहीं आगे 2017 में भी कांग्रेस की सरकार बनेगी। दरअसल पिछले दिनों शिमला में संपन्न नगर निगम चुनावों में मोदी लहर के बावजूद शिमला में भाजपा कोई खास करिश्मा नहीं कर पाई और उसे बहुमत से एक कम सीटें मिलीं। यहां नड्डा ने खुद प्रचार की कमान संभाली थी।

नड्डा बेहतर नेता हैं

नड्डा बेहतर नेता हैं

जानकारों का मानना है कि जब से केंद्र की एनडीए सरकार में हिमाचल प्रदेश के जगत प्रकाश नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तब से प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भाजपा को गुटों में विभाजित करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को हिमाचल प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश के माहिर राजनीतिक योद्धा रहे हैं वो सब जानते हैं कि 2017 में होने वाले विधानसभा के चुनावों में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से पार पाना बेहद मुश्किल होगा। यही वजह है कि सीएम की ओर से उनकी ओर से बार बार कहा जा रहा है कि नड्डा बेहतर नेता हैं।

जेपी नड्डा के साथ सिर्फ दो विधायक

जेपी नड्डा के साथ सिर्फ दो विधायक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा हिमाचल की राजनीति में पैर जमाने की हसरतें किसी से छिपी नहीं हैं। लेकिन अभी तक उनके साथ प्रदेश भाजपा के मात्र दो विधायक खुल कर सामने आये हुए हैं वह जिला मण्डी से सिराज विधानसभा के जय राम ठाकुर और धर्मपुर से महेंद्र सिंह ठाकुर। साथ में मंडी जिले के सांसद राम स्वरुप शर्मा भी खुद मुख्यमन्त्री की लालसा पाले हुए हैं। मण्डी जिले में भाजपा की आज स्थिति बनी हुई है कि विधायक और सासंद मुख्यमन्त्री की हॉट सीट के सपने पाले हुए हैं। जिस से जिला मंडी में कांग्रेस एक बार फिर से मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। भाजपा में यह स्थिति इस लिए बनी हुई है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जी पी नड्डा को आगे कर मण्डी से भाजपा के विद्यायक जय राम ठाकुर भी मुख्यमन्त्री की राह ताक रहे हैं। जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इस बात को भी जानते हैं कि जय राम और सांसद राम स्वरुप शर्मा दोनों ही मुख्यमन्त्री की चाहत रखे हुए है वही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी इनके कन्धों पर बन्दूक रख कर शिमला के सचिवालय पर निशाना साधा हुआ है।

पीएम मोदी धूमल के हैं साथ

पीएम मोदी धूमल के हैं साथ

जेपी नड्डा के साधे हुए निशाने में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी बाधा बनकर खड़े हुए हैं। क्योंकि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने जता दिया है कि बिन धूमल 2017 हिमाचल विधानसभा फतेह कर पाना मुश्किल होगा। क्योंकि नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के साथ इस वक्त भी 26 विधायकों की संख्यां का आंकड़ा है। जिसे प्रधानमन्त्री भी बखूबी जानते हैं कि धूमल के नेतृत्व में ही भाजपा हिमाचल में स्थापित हुई है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की नजदीकियां किसी से छुपी नहीं है। धूमल की नजदीकियां हिमाचल से लेकर केंद्रीय राजनीति में भी धूमल की एक अपनी मजबूत पकड़ मानी जाती है। केंद्रीय मंत्री हिमाचल की राजनीति से भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी अभी दोहरी असमंजस में दिखाई दे रहा है।

किसको मिलेगी सत्ता?

किसको मिलेगी सत्ता?

माना जा रहा है कि भाजपा हिमाचल विधानसभा का चुनाव पार्टी सामूहिक तौर पर लड़ेगी तो पार्टी को हार का भी खतरा बना रहेगा। मुख्यमंत्री का चेहरा देकर उतरना है तो स्वाभाविक है कि नेता प्रतिपक्ष और प्रेमकुमार धूमल के नेतृत्व में ही उतरना होगा। क्योंकि प्रदेश के हर बूथ स्तर से लेकर मण्डल स्तर तक धूमल की सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत पकड़ बनी हुई है। नेता प्रतिपक्ष पिछले कई वर्षो से हिमाचल भाजपा का नेतृत्व करते रहे हैं स्वाभाविक है कि कार्यकर्ता इनके साथ बड़ी गहराई से जुड़ा हुआ है। देखना यह होगा की भाजपा सत्तासीन कांग्रेस को परोस कर देगी या फिर भाजपा प्रदेश के हर बूथ स्तर की रिपोर्ट लेकर धूमल के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में उत्तर कर कांग्रेस को सता से हटाने में कामयाब होगी।

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