जर्मन शेफर्ड के साथ भारत भ्रमण पर निकले तेजेश्वर को हिमाचल पुलिसकर्मियों ने पीटा!
शिमला। अपने जर्मन शेफर्ड के साथ साइकिल पर भारत भ्रमण पर निकले हैदराबाद के तेजेश्वर माडिकेरा को हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में धर्मशाला के पास मैक्लॉडगंज में पुलिस वालों ने पीट दिया। इससे एक बार फिर हिमाचल प्रदेश पुलिस का रवैया विवादों में है। हलांकि कांगड़ा पुलिस का दावा है कि मारपीट करने वाले पुलिस जवान नहीं थे।

हिमाचल पुलिस के जवानों ने मारा?
धर्मशाला में हुई इस मारपीट की घटना को पीड़ित ने फेसबुक पर शेयर किया है। फेसबुक पोस्ट में मैकेनिकल इंजीनियर तेजेश्वर माडिकेरा ने बताया कि उन्हें मैक्लॉडगंज में चार लोगों ने बड़ी बेरहमी से पीटा है। यह सब करने वाले खुद को हिमाचल पुलिस के जवान बता रहे थे। तेजेश्वर की पोस्ट के बाद कांगड़ा पुलिस में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुये मामले की जांच खुद कांगड़ा के एस पी संतोष पटियाल ने संभाली।

पुलिस के अनुसार, मारपीट करनेवाले स्थानीय युवक
एसपी संतोष पटियाल ने बताया कि छानबीन के बाद पता चला कि मारपीट करने वाले स्थानीय युवक थे। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है व दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। पुलिस युवकों की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक मामले में तेजेश्वर की ओर से धर्मशाला थाना में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।

फेसबुक पोस्ट में छलका दर्द
उधर तेजेश्वर को इस घटना ने खूब झकझोरा है। वह सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि उनका इंसानियत से विश्वास उठ गया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ यह हादसा 19 फरवरी को उस समय हुआ, जब वह अपनी साइकिल से धर्मशाला के पास धर्मकोट में विराम देने जा रहे थे। उनके साथ कुछ ओर लोग भी थे। धर्मकोट में विपाश्यना सेंटर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी साइकिल को खड़ा कर दिया। वह डिनर के लिये अपने साथियों के साथ धर्मकोट से नीचे आने लगे। इतने में वह अपने जर्मन शेफर्ड को साइकिल से उतारने के लिये वापिस मुड़े तो वहां मेन गेट बंद हो चुका था।
कुछ ही दूरी पर टैक्सी स्टैंड पर चार लोग बैठकर शराब पी रहे थे, जो अपने आपको पुलिसकर्मी बता रहे थे। जब इनसे उन्होंने गेट खुलवाने को मदद मांगी तो यह चारों तेजेश्वर से उलझ पड़े। चारों ने मिलकर तेजेश्वर को बुरी तरह पीटा। इस मारपीट में कुत्ते को भी निर्दयता से पीटा गया। इस दौरान वह भाग कर सड़क पर आये व चिल्लाकर अपने लिये मदद मांगी। इस दौरान एक और युवक स्कूटर पर वहां से गुजर रहा था। एक कैब चालक व बौद्ध भिक्षु ने उन गुंडों से उनको छुड़वाया। उसके बाद वे अपने होटल लौटे। तेजेश्वर ने लिखा, दो दिन तक होटल में सदमे में रहा। उसके बाद अब जाकर मैं यह सब लोगों के साथ शेयर कर रहा हूं।












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