कोटखाई मामले में हिमाचल के लॉ अफसर का करीबी रिश्तेदार भी नपा
सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एजेंसी की जांच के दौरान इस लॉ अफसर के करीबी रिश्तेदार को भी शक के दायरे में रखा गया था। लिहाजा उससे पूछताछ की गई थी।
शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस और हवालात में सूरज की मौत की जांच कर रही सीबीआई ने हिमाचल सरकार के विधि विभाग में तैनात वरिष्ठ लॉ अफसर के नजदीकी रिश्तेदार को भी अपने रडार पर ले लिया है। सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एजेंसी की जांच के दौरान इस लॉ अफसर के करीबी रिश्तेदार को भी शक के दायरे में रखा गया था। लिहाजा उससे पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी ने अब तक इस मामले में करीब सौ लोगों से पूछताछ की है। इनमें कुछ गवाह है तो कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपराध को अंजाम देने के लिए शक के दायरे में हैं।

दरअसल सीबीआई की ओर से पूछताछ के लिए बुलाया गया ये वही युवक है जो सीएम के फेसबुक पेज में आरोपी के तौर पर अन्य तीन युवकों के साथ पहले पेश किया गया और बाद में इन चारों युवकों की फोटो को हटा लिया गया। एक अन्य युवक जिसकी फोटो सीएम के फेसबुक पेज पर पोस्ट हुई थी। 12 जुलाई को सीएम की ओर से पोस्ट की गई तस्वीरों के साथ लिखा गया था कि मैं आपको जानकारी देना चाहता हूं कि कोटखाई मामले के चार संदिग्धों को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। सीएम ने उस समय जानकारी दी थी कि आईजी जहूर जैदी और एसपी डी डब्ल्यू नेगी मामले की जांच कर रहे हैं।
कोटखाई प्रकरण की पुलिसिया जांच के दौरान जितनी भी अफवाहें सामने आईं, उन सब पर सीबीआई की नजर है। चाहे स्कूली छात्रा के पास फोन होने की बात हो या फिर उसके फेसबुक प्रोफाइल की बात। सीबीआई इन सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों से लेकर तकनीकी उपकरणों की मदद ले रही है। सूत्रों की मानें तो मां के फोन को भी सीबीआई ने जांच के लिए कब्जे में लिया है। इसमें कॉल डिटेल के अलावा उस फोन से उपयोग किए जाने वाले सभी तरह के ऐप और उनमें दर्ज मैसेज व अन्य चीजों को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच के दौरान कई तरह के ऐसे लूप होल थे, जिन पर उसने गंभीरता से काम नहीं किया। यही कारण रहा कि उनकी जांच 6 गिरफ्तारी के बावजूद सवालों में घिरी रही।
इस मामले में पुलिस ने आशीष चौहान उर्फ आशु (29), महासू के शराल, पिकअप चालक राजेंद्र सिंह उर्फ राजू (32) जो कि मंडी के जंजैहली का रहने वाला है, पकड़ा है। जबकि सुभाष सिंह बिष्ट (42) उत्तराखंड और दीपक उर्फ दीपू (38) पौड़ी, गड़वाल के रहने वाले हैं और सूरज सिंह (29) नेपाल, लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल के रहने वाले को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में एक आरोपी सूरज की हवालात में मौत हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications