मनी लॉन्ड्रिंग केस: वीरभद्र सिंह दंपति को अदालत से मिली राहत
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह को उनके खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग केस में अदालत से बड़ी राहत मिली है। मामले की सुनवाई आज पटियाला हाउस कोर्ट में थी। अदालत ने वीरभद्र सिंह को इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर पेशी में हाजिर होने की छूट दे दी। ये छूट उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को भी मिली है। अब वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी पेशी में नहीं भी आएंगे तो भी सुनवाई हो सकेगी लेकिन अपने आदेशों में अदालत ने कहा, केस में चार्ज फ्रेम हो जाने पर दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होनी है।

सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने इस छूट के खिलाफ कोर्ट में सवाल भी उठाए। वहीं वीरभद्र सिंह के वकील ने अदालत को विश्वास दिलाया कि जब भी आवश्यकता पड़ेगी, वीरभद्र सिंह अदालत में पेश हो जाएंगे। इससे पहले हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह पत्नी प्रतिभा सिंह के साथ पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने वीरभद्र सिंह को पिछली सुनवाई के दौरान पेशी में छूट दी थी। इस मामले को लेकर एक दिन पहले ही वीरभद्र सिंह प्रतिभा सिंह के साथ दिल्ली पहुंच गए थे व दोपहर बाद सीधे अदालत में पहुंचे।
आपको बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में सीएम वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह ने व्यक्तिगत छूट देने के लिये याचिका दी थी। इसकी अनुमति आज कोर्ट से मिल गई है। इस मामले में नौ आरोपी हैं। अन्य सात आरोपियों में से एलआईसी एजेंट आनंद चौहान जो कि अंतरिम जमानत पर हैं, इसको लेकर कोर्ट ने प्रर्वतन निदेशालय को नोटिस देकर रेगुलर बेल पर 15 दिसंबर तक जवाब देने के लिए कहा है।
ये है पूरा मामला
सीबीआई ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य नौ आरोपियों के खिलाफ आय से अधिक प्रॉपर्टी केस में 3 अप्रैल को चार्जशीट दायर की थी। सीबीआई ने इस आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान, प्रतिभा सिंह, चुन्नी लाल, जोगिंद्र , प्रेमराज, लवन रोच, राम प्रकाश भाटिया व वाकामुल्ला चंद्रशेखर को आरोपी बनाया है।












Click it and Unblock the Notifications