कोटखाई गैंगरेप: धीमी जांच के विरोध में सड़कों पर उतरा लोगों का हूजुम
शिमला। कोटखाई गैंगरेप और मर्डर मामले और फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की हत्या के मामले में चल रही जांच से असंतुष्ट सैकंड़ों लोगों ने आज शिमला में विशाल धरना प्रर्दशन किया। जिससे शिमला एक बार फिर सरकार के खिलाफ नारों से गूंज उठा। गुडिया न्याय मंच और सराज मंच के बैनर तले सैंकड़ों लोग डीसी आफिस के बाहर प्रर्दशन कर रहे हैं। जिससे महौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

इस प्रदर्शन में 25 संगठन के लोगों का समर्थन है। लोगों के प्रदर्शन को देख कर पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेटिंग कर रखी थी। सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। शिमला के डीसी रोहन चंद ठाकुर व एसपी सौम्या खुद मौके पर प्रदर्शकारियों से मिलने आये, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक भी न सुनी। प्रर्दशनकारी माल रोड से होकर सचिवालय पहुंचने पर अड़े रहे, हालांकि इस क्षेत्र में पहले से ही धारा 144 लागू है जिस वजह से काफी देर तक पुलिस से नोकझाोंक होती रही। बाद में मामला शांत कराया गया और प्रर्दशकारी भी छोटा शिमला से होते हुये राज्य सचिवालय को जाने को तैयार हो गये। विशाल भीड़ प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती हुई सचिवालय की तरफ रवाना हो गई।
गुड़िया न्याय मंच के सह संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट है और यहां आए दिन रेप और मर्डर की घटनाएं घट रही हैं। गुडिया के रेप और मर्डर की घटना को एक माह हो गया है लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली तो शुरू से ही संदेह के घेरे में थी और कोटखाई में पुलिस लॉकअप में एक आरोपी की मौत के बाद पुलिस पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। उनकी मांग है कि सरकार को इस घटना को लेकर राज्य के डीजीपी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें इस पद से बर्खास्त कर देना चाहिए और दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
मेहरा ने कहा कि मंडी जिले में वन रक्षक होशियार सिंह के मर्डर की मिस्ट्री अभी भी अनसुलझी है। उनका आरोप है कि इस सारे मामले में वन माफिया, शराब माफिया और भू-माफिया सक्रिय है। उन्होंने मांग की कि होशियार सिंह मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। मेहरा ने कहा कि गुडिया मामले की जांच सीबीआई कर रही है, लेकिन इसकी रफ्तार सुस्त है और इसकी जांच में तेजी लाई जानी चाहिए।












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