हिमाचल चुनावों में 158 करोड़पति मौदान में, BJP में सबसे अमीर और अपराधी प्रत्याशी
शिमला। हिमाचल प्रदेश की आधी आबादी मुफलिसी व बेरोजगारी से जूझ रही है। तो प्रदेश में एक ऐसा तबका भी है, जो पांच सालों में लखपति से करोड़पति बन गया है। यहां बात हो रही है, हिमाचल प्रदेश के चुने हुये नुमाईदों की। जो चंद अरसे में ही अच्छी खासी संपत्ति बना रहे हैं। विधायकों की इस कदर बढ़ती संपत्ति भी इन दिनों चुनावी मुद्दा है। लोगों में यह मुद्दा बन गया है। आज शिमला में आयोजित प्रेस कांफे्रस में नेशनल इलेक्शन वॉच के बैनर तले हिमाचल इलेक्शन वॉच के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लेखा जोखा जारी किया। जिसमें उन्होंने बताया कि हिमाचल में चुनाव लड़ रहे 47 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनाव लड़ रहे 63 फीसदी नेता 2 करोड़ से ज्यादा के मालिक है।


कांग्रेस में सबसे ज्यादा करोड़पति
हिमाचल के 60 विधायकों की पिछले पांच सालों में आय में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इनकी आय में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें सबसे ज्यादा वृद्धि चोपाल के विधायक बलबीर वर्मा की संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है। बलबीर की सम्पति 2012 में 41 करोड़ थी वो 2017 में बढ़ कर 90 करोड़ हो गई है। जबकि कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर की संपत्ति जोकि 2012 में 4 करोड़ थी वह 2017 में 27 करोड़ हो गई है। वहीं हिमाचल विधानसभा में इस बार 338 उम्मीदवारों में से 215 करोड़पति चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी के हैं। कांग्रेस उम्मीदवार का आंकड़ा करीब 87 फीसदी है। दूसरे नंबर पर भाजपा में 67 फीसदी प्रत्याशी करोड़पति हैं।

बीजेपी के विधायक बलबीर वर्मा सबसे अमीर
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक टॉप-10 करोड़पति नेताओं में से बीजेपी के विधायक बलबीर वर्मा 90 करोड़ की समाप्ति के साथ सबसे अमीर हुए हैं। जो इस मर्तबा भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले पांच वर्षो में उनकी सम्पति 23 करोड़ बढ़ गई। दूसरे नंबर पर 84 करोड़ की संपत्ति मुख्यमंत्री के सपुत्र विक्रमदित्य सिंह की है। राकेश कालिया कांग्रेस का स्थान 74 करोड़ के साथ तीसरा है। देवराज निर्दलीय की समाप्ति 54 करोड़, उसके बाद जीएस बाली कांग्रेस 44 करोड़, लेखराज नादौन 40 करोड़ नादौन, राम कुमार दून 40 करोड़, अनिल शर्मा 40 करोड़, वीरभद्र सिंह 30 करोड़ जबकि रोहित ठाकुर 27 करोड़ के साथ टॉप टेन की सूची में शामिल है। इनमें एक करोड़ से नीचे 123 उम्मीदवार है। जबकि 53 उम्मीदवार लाख से नीचे वाली संपति के हैं।

बीजेपी में सबसे अधिक अपराधी उम्मीदवार
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में उतरे कुल 338 उम्मीदवारों में से 61 उम्मीदवारों (18 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं, जबकि 31 उम्मीदवारों ने (9 प्रतिशत) अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले चलने की जानकारी दी है। निर्वाचन क्षेत्र दून से कांग्रेस के उम्मीदवार राम कुमार ने अपने ऊपर हत्या (IPC-302) से संबंधित मामला घोषित किया है, जबकि दो उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास (भादंस-307) से संबंधित मामले घोषित किये हैं।
कांग्रेस के कुल 68 उम्मीदवारों में से छह (नौ प्रतिशत), भाजपा के 68 उम्मीदवारों में से 23 (34 प्रतिशत), बसपा के 42 उम्मीदवारों में से तीन (सात प्रतिशत), माकपा के 14 उम्मीदवारों में से 10 (71 प्रतिशत) और 112 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 16 (14 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले चलने की घोषणा की है। इसी प्रकार कांग्रेस के तीन, भाजपा के नौ, बसपा के दो, माकपा के नौ और कुल छह निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर अपराधिक मामले घोषित किये हैं, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास और अपहरण जैसे मामले शामिल हैं। इस रिर्पोट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव-2017 में दो निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां राजनीतिक दलों के तीन अथवा तीन से अधिक उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं।

पिछले पांच सालों में जिनकी अचानक बढ़ी संपत्ति
पिछले पांच सालों में जिनकी संपत्ति अचानक बढ़ गई, उनमें से भी रोहित ठाकुर के सम्पति चार से 27 करोड़ हुई। बलवीर की सम्पति 41 करोड़ से 90 शरीर बढ़ गई, महेंद्र सिंह की एक करोड़ से 15 करोड़ पहुंच गई। जीएस बाली की सम्पति से 24 से 44 करोड़ हुई, यादविंद्र गोमा की समाप्ति पांच लाख से एक करोड़ हो गई। इन्द्रदत्त लखनपाल की समाप्ति 38 लाख से चार करोड़ हो गई। दूसरी तरफ शैक्षिक योग्यता के मामले में 5वी पास 7 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। 8वीं पास 18 है। 10वीं पास 45 उम्मीदवार है, 12 वी पास 51, स्नातक 79, प्रॉफेसनल स्नातक 52 है जबकि पोस्ट ग्रेजुएट 74 और पीएचडी धारक, 8 उम्मीदवार हैं। 36 फीसदी उम्मीदवार तो 12वी से भी नीचे के है। ग्रेजुएट 63 फीसदी है। उम्र के मामले में 46 फीसदी उम्मीदवार 25 से 50 तक उम्र के है, जबकि 51 से 80 उम्र 51 फीसदी प्रत्याशी है। हिमाचल में इस बार भी केवल छ: फीसदी महिलाएं चुनाव लड़ रही है। यानी कि 19 महिलाएं ही चुनाव लड़ रही है।












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