हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: सीट नंबर 42 गगरेट (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
शिमला। गगरेट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीट नंबर 42 है। ऊना जिला में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। यह क्षेत्र साल 2008 में, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के अनुसरण में अस्तित्व में आया। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 69,189 मतदाता थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में राकेश कालिया इस क्षेत्र के विधायक चुने गए।

गगरेट चुनाव क्षेत्र डिलिमिटेशन के दौरान अनारक्षित हुआ। व 2012 में पहला चुनाव अनारक्षित सीट पर हुआ। इससे पहले यह क्षेत्र अनूसूचित जाति के लिये आरक्षित था। पिछले चुनावों में यहां से कांग्रेस के राकेश कालिया के मुकाबले भाजपा का मजबूत चेहरा नहीं था। जिससे कालिया आसानी से चुनाव जीत गये। कालिया को चिंतपुर्णी के अपने संपर्को का भी लाभ मिला। कालिया चिंतपुर्णी से विधायक रहे थे। अब मौजूदा चुनावों में उनकी असली परीक्षा होगी।
गगरेट में राजपूत व ब्राहम्ण मतदाता प्रत्याशी की हार जीत तय कर सकते हैं। यहां ओबीसी मतदाता भी हैं। लेकिन अनूसूचित जाति के मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। गगरेट पंजाब से सटा चुनाव क्षेत्र है। यहां पंजाबी भाषी मतदाताओं की तादाद अधिक है। गगरेट प्रदेश का प्रमुख आद्योगिक क्षेत्र है। जिससे यहां लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हुये हैं।
गगरेट से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2012 राकेश कालिया कांग्रेस
2007 बलबीर सिंह भाजपा
2003 कुलदीप कुमार कांग्रेस
1998 कुलदीप कुमार कांग्रेस
1993 कुलदीप कुमार कांग्रेस
1990 साधू राम भाजपा
1985 मिल्खी राम कांग्रेस
1982 साधू राम भाजपा
1977 साधु राम जनता पार्टी

विधायक राकेश कालिया चितंपुर्णी माता मंदिर के बारीदार हैं। पुजारी परिवार से होने के बावजूद उन्होंने धार्मिक कर्मकांड के बजाये राजनिति को उन्होंने चुना व कामयाबी भी हासिल की। 39 वर्षीय कालिया ग्रेजूयेट हैं। व होटल कारोबारी भी हैं। उनका एक बेटा व एक बेटी है। युवा कांग्रेस से होते हुये कालिया राजनिति में आये। 2003 के चुनावों में पहली बार चिंतपुूर्णी से विधायक चुने गये। उसके बाद 2007 में दोबारा चुने गये। 2008 में चितपुर्णी डिलिमिटेशन के दौरान रिजर्व हल्का हो गया, तो उन्होंने साथ लगते गगरेट को अपनी कर्मभूमि बनाया। 2012 के चुनावों में कालिया गगरेट से विधायक चुने गये व उन्हें सरकार में मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया। उसके बाद कालिया अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव भी बनाये गये। लेकिन इसी माह आने वाले चुनावों को देखते हुये संगठन ने उन्हें इस जिम्मेवारी से मुक्त कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications