हिमाचल में इस साल होंगे विधानसभा चुनाव, यहां 'आप' के बढ़ते कदमों से सहमी कांग्रेस
शिमला। हिमालय के अंचल में बसा हिमाचल प्रदेश, जहां साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। कहने को यह ठंडा प्रदेश है, लेकिन अभी यहां सियासी पारा चढ़ने लगा है। इस बार चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी की एंट्री होने से चुनाव रोचक होने जा रहे हैं। पड़ोसी प्रदेश पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी इन दिनों खासा उत्साहित है। भले ही आप उत्तराखंड चुनाव में खाता तक नहीं खोल पाई हो , लेकिन पाटी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरे जोश से जुट गई है।

गौर करें तो आप के काफिले में भाजपा नहीं, कांग्रेस नेता ज्यादा जुड रहे हैं। 'आप' की एंट्री ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस पार्टी को चितिंत कर दिया है। पार्टी नेतृत्व को इस बात की चिंता सता रही है कि 'आप' कहीं कांग्रेस के युवा चेहरों को अपने साथ न ले उड़े। हाल ही में हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर के अपने समर्थकों के साथ आप में शामिल होने के बाद कांग्रेस पार्टी का यह डर और बढ़ गया है। ऐसी अफवाहें जोर पकड़ने लगी हैं कि और भी युवा कांग्रेसी नेता जल्द ही कांग्रेस छोड़ सकते हैं। सबकी नजरें 23 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल के कांगडा दौरे पर हैं। उस दिन कांग्रेस सरकार में कबीना मंत्री रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया केजरीवाल की मौजूदगी में आप में शामिल होंगे।
दरअसल, प्रदेश में बदले राजनैतिक महौल में कांग्रेस पार्टी चर्चा से बाहर होने लगी है। वहीं, अब सीधे तौर पर भाजपा के मुकाबले आम आदमी पार्टी ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी में चल रही गुटबाजी का असर साफ देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि कांग्रेस नेताओं ने चुप्पी साध ली है। यह लोग पार्टी आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के कई अन्य नेता कथित तौर पर पार्टी संगठन के आंतरिक कामकाज से खुश नहीं हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि हिमाचल पीसीसी चीफ कुलदीप राठौर अपने कार्यकाल में सभी को साथ लेकर चलने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

वहीं, संगठन में हारे व जनता की ओर से नकारे लोगों को तव्वज्जो देकर नये लोगों के लिये उन्होंने दरवाजे बंद कर दिये हैं। यही नहीं, कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में भाजपा की तरह संगठनात्मक जिलों का गठन कर पार्टी को सक्रिय किया था। वह कदम भी राठौर को रास नहीं आया। और उन्होंने संगठनात्मक जिलों को ही भंग कर दिया। जिससे पार्टी का एक बडा वर्ग राठौर से मुंह फुलाये बैठा है।
हिमाचल पीसीसी चीफ कुलदीप राठौर, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री और अन्य सहित हिमाचल कांग्रेस के नेताओं ने पिछले दिनों नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। जिसमें प्रदेश के नेताओं ने राज्य पार्टी संगठन में बदलाव का अनुरोध करने के अलावा विभिन्न चुनाव समितियों के गठन पर जल्द निर्णय लेने की भी मांग की है। हालांकि, वर्तमान पीसीसी प्रमुख कुलदीप राठौर के नेतृत्व में कांग्रेस ने 4 उपचुनाव जीते, कुछ नेताओं ने नए एचपीसीसी प्रमुख की मांग की है। पार्टी के 3 कार्यकारी अध्यक्षों के अलावा एक उप नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने की भी मांग की जा रही है।
पार्टी के ही कई नेता दबी जुबान में कहने लगे हैं कि, पार्टी ने अगर समय रहते बदलाव नहीं किया तो सत्ता में वापिसी का सपना पूरा नहीं होगा। नये अध्यक्ष के तौर पर नादौन के विधायक ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू की दावेदारी मजबूत होकर उभर रही है।












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