गुजरात चुनाव पूरे होने के बाद ही जाहिर किया जाएगा हिमाचल का एग्जिट पोल
चुनाव आयोग ने ये रोक गुजरात विधानसभा चुनाव के कारण लगाई है। गुजरात में 14 दिसंबर को दूसरे चरण का मतदान होने के बाद ही मीडिया समूह हिमाचल के विधानसभा चुनाव से जुड़े एग्जिट पोल में किसी भी सियासी दल और प्रत्याशी की हार-जीत का पोस्टमॉर्टम दिखा पाएंगे।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में 9 नवबंर को मतदान के ठीक बाद आपको चुनावों के रुझानों का पता नहीं चल पाएगा। प्रदेश में इस बार ऐसा ही होगा। प्रदेश में इस बार एग्जिट पोल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। देश व प्रदेश का कोई भी प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक चैनल एग्जिट पोल नहीं दिखा पाएगा। जिससे चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों व उनके समर्थकों का इंतजार लंबा हो जाएगा। चुनाव आयोग ने ये रोक गुजरात विधानसभा चुनाव के कारण लगाई है। गुजरात में 14 दिसंबर को दूसरे चरण का मतदान होने के बाद ही मीडिया समूह हिमाचल के विधानसभा चुनाव से जुड़े एग्जिट पोल में किसी भी सियासी दल और प्रत्याशी की हार-जीत का पोस्टमॉर्टम दिखा पाएंगे।

गुजरात के चलते हिमाचल में करना पड़ेगा इंतजार
इससे पहले एग्जिट पोल दिखाए जाने पर चुनाव आयोग और राज्य के निर्वाचन विभाग की पैनी नजर रहेगी। ये पहली बार होगा जब प्रदेश के लोगों को एग्जिट पोल के लिए भी इतना लंबा इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को 2 चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। आमतौर पर हिमाचल और गुजरात के चुनाव बीते कई सालों से एक साथ होते आए हैं लेकिन गुजरात में इस बार एक महीने की देरी से चुनाव करवाए जा रहे हैं, ऐसे में यदि कोई मीडिया समूह प्रतिबंध के दौरान एग्जिट पोल दिखाता है तो केंद्रीय चुनाव आयोग उस मीडिया समूह के खिलाफ कार्रवाई करेगा। गौतलब है कि प्रदेश में अगले महीने 9 नवंबर को सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होने जा रहा है। मतदान इसी दिन शाम 5 बजे खत्म हो जाएगा।

गुजरात के चुनावों के बाद ही होगी हिमाचल की बात
आमतौर पर वोटिंग खत्म होने के बाद सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अपने-अपने एग्जिट पोल दिखाते आए हैं। इससे दावे किए जाते हैं कि किस पार्टी की सरकार बन रही है और कौन से विधानसभा हलके से किस प्रत्याशी की जीत हो रही है। लोग भी इन्हें रुचि के साथ देखते हैं और बेसब्री से एग्जिट पोल आने का इंतजार करते हैं लेकिन इस बार गुजरात चुनाव के इंतजार की घड़ियां लंबी होने वाली हैं। एग्जिट पोल की तरह चुनाव के रिजल्ट के लिए भी प्रदेश वासियों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। चूंकि विधानसभा चुनाव का रिजल्ट 18 दिसंबर को आएगा। परिणामों के लिए भी प्रदेश वासियों को वोटिंग के बाद करीब 37 दिन का इंतजार करना होगा। इसके लिए एग्जिट पोल दिखाने वाले समूह विभिन्न विधानसभा हलकों में जाकर सर्वे करते हैं।

गुजरात चुनावों के मद्देनजर आयोग ने लिया फैसला
इन्हीं सर्वे को आधार बनाकर मीडिया या अन्य एजेंसी भी अपने एग्जिट पोल दिखाती हैं। एग्जिट पोल पर रोक का कारण गुजरात चुनाव हैं। यदि कोई भी चैनल अपने एग्जिट पोल में ये दिखाता है कि प्रदेश में किसकी सरकार बन रही है तो ये खबर गुजरात के चुनाव पर असर डाल सकते हैं। इसी तरह यदि कोई चैनल दिखाता है कि हिमाचल में सत्ता परिवर्तन हो रहा है और भाजपा सरकार बनाएगी तो ये खबर भी गुजरात में मतदाताओं को भाजपा की तरफ मोड़ सकती है। ऐसा ना हो, इसलिए एग्जिट पोल पर रोक रहेगी।

09 नवंबर को राजपत्रित अवकाश घोषित
इस बीच राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के 09 नवंबर 2017 को राजपत्रित अवकाश घोषित किया है। ये अवकाश प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों/बोर्डों/निगमों/शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को उनका मताधिकार का उपयोग करने के लिए घोषित किया गया है। ये अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा-25 के तहत दैनिक भोगी कर्मचारियों के लिए देय अवकाश मान्य होगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि जो कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर कार्यरत हैं, लेकिन किसी अन्य स्थान पर मताधिकार रखते हैं, संबंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा।












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