कोटखाई मामला: आज हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने CBI निदेशक से 9 मई को पेश होने को कहा
शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट में आज कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस की सुनवाई के दूसरे दिन अदालत ने फिर सीबीआई की जांच पर नाखुशी जताई। अदालत में सीबीआई र्ने सील बंद लिफाफे में लंबित फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद अपनी ताजा स्टेटस रिर्पोट पेश की जिसमें जांच के नतीजों का सिलसिलेवार ब्योरा दिया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप शर्मा की अदालत ने सीबीआई को 25 अप्रैल तक अब तक की जांच की ताजा स्टेटस रिर्पोट पेश करने को कहा और साथ ही सीबीआई डायरेक्टर को अब 9 मई को हाईकोर्ट में हाजिर होने का फरमान सुनाया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।

पहले 18 अप्रैल को बुलाया था
इससे पहले बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी को फटकार लगाते हुए 18 अप्रैल को सीबीआई डायरेक्टर को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने को कहा था लेकिन गुरुवार की सुनवाई के दौरान सीबीआई डायरेक्टर को अब 9 मई को पेश होने को कहा है। बुधवार को सीबीआई के वकील ने हाई कोर्ट से दोबारा मामले की सुनवाई की मांग की थी। कोर्ट ने सीबीआई के वकील को अर्जी दायर करने को कहा जिस पर गुरुवार को फिर से मामले की सुनाई हुई। सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने दावा किया है कि सीबीआई को मामले में अहम सुराग मिले हैं और मामले से जल्द पर्दा उठेगा। इस मामले में जो भी आरोपी हैं वो बेनकाब होंगे। जाहिर है कि अभी भी इस मामले में सीबीआई कोटखाई की स्कूली छात्रा के कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है और अदालत की ओर से सीबीआई को लगातार फटकार लगाई जा रही है।
23 जुलाई, 2017 में शुरू की थी मामले की जांच
कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस की जांच 23 जुलाई, 2017 से शुरू की थी। 22 जुलाई को सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली में एफआईआर दर्ज की थी। 23 मार्च को मामले की जांच करते हुए सीबीआई को 8 महीने पूरे हो जाएंगे। मामले में जिस तरह से सीबीआई की अब तक की जांच रही, उसे वह नाकामी की तरफ ही बढ़ती दिख रही है। देश की बड़ी इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की लचर जांच पर आम लोग ही नहीं बल्कि खुद हाईकोर्ट भी टिप्पणी कर चुका है। अदालत ने कई बार फटकार भी लगाई है।
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