सफल चुनाव कराने के लिए EC अपनाएगा ये नई तकनीक, हिमाचल से होगी शुरूआत
शिमला। हिमाचल विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग इस बार रिटर्निंग ऑफिसर्स नेर्टवर्क (आरओनेट) तकनीक का प्रयोग करेगा। यह तकनीक रिटर्निंग अधिकारियों के लिए ऑनलाईन निर्णय लेने में सहायता करेगी। यह व्यवस्था प्रयोग करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बनेगा। आरओनेट व्यवस्था का नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. ज्योति ने निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत और सुनील अरोड़ा की उपस्थिति में विधिवत तौर पर शुभारम्भ किया।

इससे पूर्व आरओनेट का पॉयलट आधार पर प्रायोगिक उपयोग पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया और यह पहली बार है कि इसे हिमाचल प्रदेश में चुनाव के दौरान प्रयोग में लाया जाएगा। आरओनेट से चुनाव प्रक्रिया में जुड़ी श्रमशक्ति को पहली बार पारिश्रमिक अदायगी करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस कार्य के लिए आरओनेट को ई-कोष से जोड़ा जा चुका है।
आरओनेट ऐसी विशेष व्यवस्था है जिससे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध होती हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान समयबद्ध और कुशल तरीके से उपयुक्त निर्णय लिए जा सकें। यह मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारियों को चुनावी डियूटी में तैनात कर्मी ईवीएम, वीवीपेट तथा चुनाव से जुड़ी दूसरी जानकारियां भी निरन्तर उपलब्ध करवाता रहेगा।
चुनाव के दौरान रिटर्निंग अधिकारी पोलिंग पार्टी से चुनावी सामग्री के बारे में ईवीएम तथा वीवीपेट, डाक मतपत्र तथा पूर्व मतदान प्रबन्धों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। दूसरी ओर पोलिंग पार्टी भी चुनावी प्रबन्धों तथा दूसरी जानकारियों को मोबाईल एप्प के माध्यम से रिटर्निंग अधिकारियों तक पहुंचा सकेगें। इसके अलावा पीठासीन अधिकारी ईवीएम तथा वीवीपेट के खराब होने एवं कानून व्यवस्था की जानकारी भी मोबाईल एप्प के माध्यम से संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को दे सकेंगे।












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