CM सुक्खू बुरी तरह नाकाम, प्रतिभा सिंह जिम्मेदार! हिमाचल पर ऑब्जर्वर्स ने हाईकमान को सौंपी रिपोर्ट
हिमाचल क्रांगेस में राजनीतिक संकट पैदा होने के कुछ दिन बाद सियासी स्थिति संभालने के लिए भेजे गए कांग्रेस ऑब्ज़र्वर की टीम ने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार इस टीम में शामिल थे।
3 पन्नों की ये रिपोर्ट मीडिया में कथित रूप से लीक हो गई है। इस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संकट से निपटने के तरीके की आलोचना की गई है। इसमें कहा गया है कि सीएम का ये कहना कि उन्हें विधायकों की क्रॉस वोटिंग का अंदाज़ा नही था, यह हास्यास्पद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएम सुक्खू पूरी तरह पार्टी को एकजुट रखने में नाकाम रहे हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव तक पार्टी हित में सीएम पद से छेड़छाड़ न करने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही रिपोर्ट में प्रतिभा सिंह को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब छह सदस्यीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें सीएम, उपमुख्यमंत्री, पीसीसी प्रेसिडेंट, दो पार्टी नेता, जो अध्यक्ष कहे और एक सदस्य सरकार बताए, को शामिल किया जाना चाहिए।
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह लोकसभा को लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहिए और उनके बदले किसी और को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। पर्यवेक्षकों ने कहा कि पार्टी से नाराज दर्जन भर विधायकों को बोर्ड/को-ऑपरेशन चेयरमैन या अन्य नियुक्तियां दी जानी चाहिए।
रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के असंतुष्ट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की भूमिका पर भी ध्यान दिया गया। पैनल ने पाया है कि इस पूरे संकट में विक्रमादित्य सिंह की हरकतें पार्टी अनुशासन तोड़ने जैसी थीं. उनके कार्यों से पार्टी नेताओं को यह संदेह होने लगा कि क्या भविष्य में उन पर भरोसा किया जा सकता है।
इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रॉस वोटिंग करने वालों को भाजपा द्वारा भारी रकम का भुगतान किया गया था, जो पहाड़ी राज्य में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रही है। इसमें कहा गया है कि बीजेपी लगातार कोशिश कर रही है कि कांग्रेस की सरकार गिराकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराया जाएं। ऐसे में इस रिपोर्ट को जल्द से जल्दी लागू किया जाना चाहिए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि समन्वय समिति की घोषणा अगले कुछ दिनों में की जानी चाहिए और इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पार्टी के राज्य प्रमुख और कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित दो नेताओं को शामिल किया जाना चाहिए।









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