हरियाणा के छात्रों को घर लौटने का इंतज़ार, दिन पर दिन बिगड़ रहे हालात, अभिवावकों ने सुनाई दास्तां
रूस और यूक्रेन के हालात बिगड़ने के बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई चरम पर पहुंच चुकी है। दोनों देशों के बीच लड़ाई की वजह से हिंदुस्तान के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं।
चंडीगढ़, 27 फरवरी 2022। रूस और यूक्रेन के हालात बिगड़ने के बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई चरम पर पहुंच चुकी है। दोनों देशों के बीच लड़ाई की वजह से हिंदुस्तान के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। वहीं कुछ भारत पहुंचे तो कई छात्र देश लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं। यूक्रेन में ब्लैक आउट की वजह से काफ़ी परेशानी हो रही है। इंटरनेट सेवा भी सही से बहाल नहीं है। इस वजह से भी वहां फंसे भारतीय अपने परिजनों से अपना हाल चाल बताने में असमर्थ हैं। मिली जानकारी के मुताबिक छात्रों के पास पैसे और खाने का समान भी ख़त्म हो चुका है। यूक्रेन में जारी तनाव को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहां फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र
यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय लोगों को लेकर उनके परिजन समेत राज्य और केंद्र सरकार भी काफी परेशान है। इसी कड़ी में हरियाणा के सिरसा में रहने वाली खुशी शर्मा और मनुरीत अनेजा यूक्रेन से लौटी हैं। इससे उसके परिवार वालों में ख़ुशी की लहर है। लेकिन वहीं दूसरी ओर सोनीपत ज़िला के चौहान जोशी गांव के 5 छात्र फंसे हुए हैं। अपने बच्चों के हालातों को देखते हुए बच्चों के अभिवावकों ने अपने बच्चों को भारत लाने की केद्र और राज्य सरकार से गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि यूक्रेन में फंसे हुए बच्चों के लिए सरकार ने सिर्फ़ रहने का इंतज़ाम किया है। इसके अलावा खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर बच्चे मेट्रो स्टेशन के बेसमेंट में वक़्त गुज़ार रहे हैं।

अचानक रद्द कर दी गई फ्लाइट
यूक्रेन में सोनीपत के चौहान जोशी गांव के जो फंसे हुए छात्र हैं, उनमें जैन बाग कॉलोनी निवासी लेक्चरर सुरेंद्र की बेटी प्रिया, ठरू उलदेपुर गांव के कुलदीप की भतीजी तनु, आदर्श नगर निवासी उमेश बबीना की बेटी रिया के साथ-साथ कई और छात्रों के नाम शामिल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सभी बच्चे मीडिकल की पढ़ाई करने वहां गए हैं। वहां हालात बिगड़ने की वजह से सभी छात्रों मे ने टिकट बुक करा ली थी लेकिन अचानक फ्लाइट रद्द कर दी गई और वह लोग वहां फंसे हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि भारतीय एंबेसी के निर्देश पर बच्चों की टिकट बुकिंग हुई थी। 25 फरवरी को बच्चों की फ्लाइट थी लेकिन अचानक हालात बिगड़ने की वजह से बच्चों को वापस भारतीय दूतावास जाना पड़ा। भारतीय दूतावास की तरफ़ से एक विद्यालय में सभी भारतीय बच्चों के रुकने के इंतजाम किया गया है। व्हाट्सएप्प के ज़रिए परिजन लगातार अपने बच्चों के साथ संपर्क में हैं।

हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी
भारत सरकार पहले ही यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय के तहत एक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर चुकी है। विदेश मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों को डॉ. आदर्श स्वाईका, संयुक्त सचिव (यूरेशिया और सीएनवी एंड आई) के मार्गदर्शन में नियुक्त किया गया है। वहीं हरियाणा सरकार ने भी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की गई है। यूक्रेन में फंसे भारतीय $91 9212314595 पर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही [email protected] पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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