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हरियाणा के किसान ने खेत में गेहूं-सरसों की फसल से बनाए श्रीकृष्ण-अर्जुन, वर्ल्ड रिकॉर्ड, 3 साल लगे PHOTOS

सोनीपत। हरियाणा के एक किसान ने वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बना दिया। ऐसा करने के लिए उसने अपने खेत में गेहूंसरसों की फसल की इस तरह कटाई की कि, भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन की छव‍ि उभर आई। यह कमाल सोनीपत जिले में हुआ, जहां एनएच-44 के टोल प्लाजा के पास स्थित गांव लडसौली के 25 वर्षीय युवा किसान हनी मोर ने यह कारनामा किया।

सोनीपत के किसान ने खेत में 'श्रीकृष्ण-अर्जुन' दिखाए

सोनीपत के किसान ने खेत में 'श्रीकृष्ण-अर्जुन' दिखाए

हनी मोर खेती करते हैं, उनका सपना था कि, वे खेती में ही कुछ ऐसा करेंगे जिसे दुनिया देखे। लिहाजा वह जुट गए। और...अपने खेत में गेहूं व सरसों की फसल से श्रीकृष्ण और अर्जुन की पेंटिंग बनाई। हालांकि, उनकी कोशिश 3 साल में कामयाब हुई। यहां तस्‍वीर में आप जो देख रहे हैं, इसी पेंटिग को बनाने के लिए हनी 3 साल से प्रयास कर रहे थे। पहले 2 साल पेंटिग नहीं बन सकी। कभी गेंहू उग गई तो कभी सरसों। फिर तीसरे वर्ष हनी को कामयाबी मिल ही गई।

महाभारत के पाठ की है तस्‍वीर

महाभारत के पाठ की है तस्‍वीर

खेती में फसल की कटाई कर बनी ये पेंटिंग, आधा किमी दूर से भी दिख जाएगी। यह महाभारत के पाठ 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन्, मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि' को प्रदर्शित करती है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को बाण चलाने का आदेश दे रहे हैं। खुशी की बात यह है कि, हनी मोर का प्रयास रंग लाया और, अब इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है।

आधा किमी ऊपर से भी दिख जाएगी

आधा किमी ऊपर से भी दिख जाएगी

हनी मोर ने कहा, "हमने यह पेंटिंग 4046.856 वर्ग मीटर भूमि में बनाई है। इसके लिए पहले 10 से 14 दिन में पेंटिंग का डिजाइन बनाकर गेहूं और सरसों की प्लांटिंग की गई। फिर बीच-बीच में कटिंग व छंटाई करते रहे। इस तरह 3 महीने में यह आर्ट देखने लायक हुई। फाइनली, अब यह फुल पेंटिंग है, और करीब 500 मीटर ऊपर से देखी जा सकती है।"

इसे एग्रो आर्ट कहा जाता है

इसे एग्रो आर्ट कहा जाता है

हनी बोले, आप जो देख रहे हैं... यह एक एग्रो आर्ट है। ऐसा अक्‍सर जापान में होता है, जहां हर साल धान की खेती में पेंटिंग बनाने का कार्यक्रम होता है और उसे देखने लाखों पर्यटक जाते हैं। सरकार को भी करोड़ों का मुनाफा होता है। हमने भी कुछ खास करने की सोची..पहली बार गेंहू और सरसों की खेती में ये पेंटिंग बनी है।

अब क्‍या करने का मकसद है?

अब क्‍या करने का मकसद है?

हनी ने कहा कि, हमें ये पेटिंग तैयार करने में बहुत मेहनत और समय लगा। यह गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज हो गर्इ, तो खुशी हो रही है। इस तरह के आर्ट का मकसद हरियाणा के इतिहास, खेती के इतिहास, खेती के गौरव व एग्रीकल्चर टूरिज्म को बढ़ावा देना है।' माना जा रहा है कि, अब सरकार के सूरजकुंड मेले की तर्ज पर 7 से 10 दिन का एग्रो आर्ट फेस्टिवल शुरू किया जा सकता है।

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