रोहतक PGIMS के 22 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, इनमें 14 वे जिन्होंने खुद लगवाई थी वैक्सीन
रोहतक। हरियाणा में रोहतक स्थित पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) में कार्यरत 22 डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। इनमें 14 वो हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। यानी वैक्सीन का असर देखा जाए तो यह दिख नहीं रहा, क्योंकि वैक्सीन लगी होने के बावजूद वे कोरोना की चपेट में हैं। पीजीआईएमएस की वरिष्ठ डॉ. पुष्पा दहिया का कहना है कि, 22 डॉक्टर्स जिनकी रिपोर्ट पिछले 14 दिनों में कोविड पॉजिटिव आई, वे प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से हैं। उनमें से 14 ने वैक्सीन भी लगवाई थी।

पीड़ित कोविड डॉक्टर ने बताई ये वजह
उपरोक्त डॉक्टरों को कोरोना हो जाने के संदर्भ में सवाल पूछने पर एक जूनियर डॉक्टर ने कहा कि, कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों के लापरवाहपूर्ण रवैए के कारण सहयोगियों पर यह आफत आई। यदि ठीक से काम हो रहा होता, तो अन्य कर्मी कोरोना रोगी न बन गए होते। एक इंग्लिश न्यूज रिपोर्ट के हवाले से स्त्री रोग विभाग में काम करने वाले जूनियर डॉक्टर ने बताया कि, वो भी कोरोना पॉजिटिव हो गया है। उसने कहा, "मैंने अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाया तो उसमें रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। मैं परेशान हो गया।" उसने कहा, "संकाय व वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार और लापरवाही से भरे रवैये ने कई सहयोगियों को रोगियों में बदल दिया है।"

यह बोले पीजीआईएमएस के प्रवक्ता
वहीं, पीजीआईएमएस के प्रवक्ता डॉ. गजेंदर सिंह ने कहा कि, 19 पोस्टग्रेजुएट, 2 वरिष्ठ रेसीडेंट और 1 संकाय सदस्य सहित कुल 22 डॉक्टर कोविड पॉजिटिव हैं। मंगलवार शाम तक वे वायरस से संक्रमित ही थे।
उन्होंने कहा, "हमारे पास 57 पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट, 27 संकाय सदस्य और 6 वरिष्ठ रेसीडेंट डॉक्टर, स्त्री रोग विभाग में तैनात हैं। जिनमें से 22 को कोरोना हो गया। हालांकि, इन चिकित्सा कर्मचारियों में से कोई भी गंभीर नहीं है।"












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