राम रहीम को कोरोना की अफवाह के बाद अब कैंसर होने की आशंका, डॉक्टरों को पैंक्रियाज में गांठ मिली

रोहतक। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के कोरोना संक्रमित होने की अफवाह उड़ने के बाद अब उसे कैंसर होने की चर्चा हो रही हैं। दरअसल, पिछले कई दिनों से राम रहीम गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती था, जहां से गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। उसके बाद उसे शाम करीब साढ़े 6 बजे सुनारिया जेल लाकर एक वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों ने उसके स्वास्थ्य की जांच की, जिसमें सामने आया कि राम रहीम के पैंक्रियाज में गांठ है और शुगर अनियंत्रित होने से उसे पेट दर्द की समस्याएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि, 3 जून को एंजियोग्राफी, सीटी स्कैन व फाइब्रोस्कैन जांच हुई थी।

गांठ देखकर डॉक्टरों ने कैंसर का शक जताया

गांठ देखकर डॉक्टरों ने कैंसर का शक जताया

राम रहीम के पैंक्रियाज में गांठ मिलने पर डॉक्टरों ने कैंसर का शक जताया है। राम रहीम की ओर से पेट दर्द होने की शिकायतें कई बार पहले भी की जा चुकी हैं। उसकी हालात बिगड़ने के पीछे की वजह पैंक्रियाज में गांठ बताई जा रही है। इससे पहले 7 जून को ऐसी खबरें आई थीं कि उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है। उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया था। हालांकि, बाद में गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ वीरेंद्र यादव ने बताया कि, राम रहीम ठीक है और उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई है।

हनीप्रीत को अटेंडेंट बनाने का मामला कोर्ट पहुंचा

हनीप्रीत को अटेंडेंट बनाने का मामला कोर्ट पहुंचा

वहीं, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हनीप्रीत को राम रहीम का अटेंडेंट बनाने का मामला अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। अंशुल छत्रपति ने चीफ जस्टिस को पत्र लिख इलाज का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। बता दें कि, 6 जून के दिन जब राम रहीम मेदांता अस्पताल ले जाया गया था, तो उसकी अगली भी राम रहीम को देखने मेदांता अस्पताल के लिए निकली थी। राम रहीम को बीते रविवार के दिन भारी पुलिस-सुरक्षा के बीच गुरुग्राम लाया गया था, जहां उसे कोविड वार्ड में रखा गया। तब, खबरें आईं कि हनीप्रीत ने अटेंडेंट कार्ड बनवा लिया है और वह राम रहीम के पास ही रही।

27 अगस्त 2017 से भुगत रहा जेल में सजा

27 अगस्त 2017 से भुगत रहा जेल में सजा

राम रहीम रेप और हत्या के मामलों में उम्रकैद भुगत रहा है। साध्वी दुष्कर्म मामले में उसे 20 साल की सजा हुई थी। 25 अगस्त 2017 को उसे पंचकूला की अदालत में पेश किया गया था। CBI की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे रोहतक की सुनारियां जिला जेल भेज दिया था। 27 अगस्त को जेल में ही CBI की अदालत लगाई गई। जहां उसकी सजा तय की गई और तब से ही यही जेल उसका ठिकाना हो गई। हालांकि, तब से राम रहीम कई दफा पैरोल पर बाहर आ चुका है।

पत्रकार की हत्या मामले में भी आया फैसला

पत्रकार की हत्या मामले में भी आया फैसला

जेल के एक अधिकारी ने बताया कि, CBI की अदालत ने 2 महिलाओं से बलात्कार के आरोप में राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाई थी, दोनों मामलों में उसे 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। ये सजा उसे एक के बाद एक भुगतनी होगी। जनवरी 2019 में भी, उसे और तीन अन्य लोगों को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हनीप्रीत को भी उसकी मदद करने एवं हिंसा भड़काने के आरोप में जेल हुई थी।

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