हरियाणा: पलवल में 2 माह से चल रहा धरना खत्म, किसान पहुंच रहे अब गाजीपुर बॉर्डर
पलवल। हरियाणा के जिले में 2 महीनों से चल रहा किसानों का धरना खत्म हो गया। ये किसान अब राजधानी दिल्ली वाले गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं। भारतीय किसान मजूदर यूनियन (राष्ट्रवादी) के जिलाध्यक्ष राजेश रावत बहीन ने कहा कि, पुलिस-फोर्स के रहते धरना खत्म करना पड़ा, लेकिन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध जारी रहेगा। हम खुद साथियों समेत दिल्ली पहुंच रहे हैं। इससे पहले बहीन की अगुवाई में किसान संघर्ष समिति ने एक बैठक का आयोजन कर पलवल में संघर्ष का बिगुल फूंका। इसके तहत किसान 31 जनवरी को पलवल अनाज मंडी में जिले के किसान-मजदूरों की एक बैठक बुलाई है।

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सैकड़ों किसान मौनव्रत पर
वहीं, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर पलवल के 73 किसान गांधी सेवा आश्रम में आज सैकड़ों किसान मौन व्रत पर हैं। जिन लोगों ने गाजीपुर बॉर्डर के लिए आवाह्न किया है, उनमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव नेता रतन सिंह सौरोत, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष धर्मचंद शर्मा, किसान संघर्ष समिति के मास्टर महेन्द्र सिंह चौहान, इनेलो के प्रदेश महासचिव महेन्द्र चौहान, प्रेम सिंह दलाल, चौहान पाल के पंच ज्ञान सिंह चौहान आदि जिले के वरिष्ठ किसान नेता मौजूद थे। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार तानशाही रवैया अपना रही है जिसे किसान सहन नहीं करेंगे।
"न कोई उपद्रव किया, न ही कोई पथराव"
इधर, जिले की बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान ने भी एक बैठक कर किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने वकीलों के साथ किसानों के जिले के एसपी दीपक गहलावत से बातचीत की। उसके बाद कहा कि, किसान ट्रैक्टर परेड को लेकर इलाके के मौजिज लोगों को जो नोटिस दिए गए हैं वे गलत तरीके से चले गए हैं।
उन्होंने कहा कि, इन लोगों ने न कोई उपद्रव किया न ही कोई पथराव किया है, न ही कोई तोडफोड़ की है। इन लोगों पर किसी प्रकार का केस दर्ज नहीं किया जाए। पहले मामले की गहनता से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि, जांच के बाद किसी प्रकार की कोई बात सामने आती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाए।"












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