OPINION: किसानों की हर चिंता का ऐसे समाधान करती रही है हरियाणा सरकार
Haryana News: हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों के हित में कई पहल की थी, जिसे देखने से लगता है कि अन्नदाताओं की चिंता सरकार की पहली प्राथमिकताओं में शामिल रही हैं।
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री ने हरियाणा के 5,20,000 से अधिक किसानों के लिए 525 करोड़ रुपए की बोनस की पहली किश्त जारी की। यह बोनस खरीफ फसलों को हो रहे नुकासन के लिए है, क्योंकि इस बार मानसून ने प्रदेश के किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है।

मौसम की बेरुखी पर किसानों के लिए बोनस की बारिश
बरसात का मौसम अभी जारी है, लेकिन किसानों को इस मौसम में बारिश नहीं होने से जो समस्या झेलनी पड़ रही है, उसे राज्य सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है और तत्काल किसानों को 2,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से बोनस देने जैसा कदम उठाया है।

अन्नदाताओं की हर वक्त चिंता करती रही है हरियाणा सरकार
नायब सिंह सरकार की इस तरह की पहल में यह प्रतिबद्धता दिखती है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को किस तरह सिर आंखों पर रखती है। असल में इस साल पिछले वर्ष की तुलना मे बारिश ने हरियाणा से एक तरह से मुंह फेर रखा है। लेकिन, एक कल्याणकारी सरकार उन अन्नदाताओं से कैसे मुंह फेर सकती है, जो जनता-जनार्दन का पेट भरते हैं।
मानसून की बेरुखी देखने के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाने का फैसला किया है। सीएम सैनी के मुताबिक, 'चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने प्रति एकड़ 2,000 रुपए बोनस मौजूदा खरीफ सीजन के लिए किसानों को सभी तरह की फसलों के लिए देने का फैसला किया है।'

सभी फसलों के लिए बोनस, छोटे से छोटे किसानों को भी सहायता
यह बोनस सभी तरह के किसानों और उनकी फसलों के लिए मिलेगा, जिसमें फल, फूल और सब्जियां भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने यह सहायता छोटे से छोटे किसानों को भी देना तय किया है, जिनके पास एक एकड़ से भी कम जमीन है।
अब हरियाणा के हर जिले में होंगे वेटनरी पॉलीक्लिनिक
इसके अलावा सैनी सरकार ने चुनाव की घोषणा से पहले राज्य के 8 बाकी बचे जिलों में भी वेटनरी पॉलीक्लिनिक खोलने की बात कहकर किसानों को बहुत बड़ा उपहार दिया है। ये जिले हैं- पंचकूला, कैथल, हिसार, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद और यमुनानगर।

दूध-उत्पादक किसानों को बीमा कवर का तोहफा
यही नहीं, सैनी सरकार ने उन सभी दूध-उत्पादक किसानों को बीमा कवर के दायरे में भी लाना तय किया है, जिनकी सालाना आमदनी 3 लाख रुपए से कम है।
10 और फसलें भी एमएसपी पर खरीदने का फैसला
हरियाणा सरकार पहले से ही 14 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्यों (MSP) पर खरीदती थी। अब हरियाणा कैबिनेट ने इसमें 10 अतिरिक्त फसलों को भी शामिल करना मंजूर किया है, जिनमें रागी, सोयाबीन, ज्वार और मूंग शामिल हैं।

इस कदम के पीछे हरियाणा सरकार का बहुत ही व्यापक दृष्टिकोण है। इससे इन फसलों का बाजार भाव स्थिर रखने में मदद मिलेगी, किसानों की आय निश्चित होगी और सबसे बड़ी बात की विविधता वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बेहतरी होगी।
इससे पहले हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों से कैनालों से सिंचाई के लिए निर्धारित शुल्क माफ करने की घोषणा की भी घोषणा की थी।












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