OPINION: हरियाणा में करीब 50 हजार परिवारों को मिली नई बुलंदी
हरियाणा सरकार ने एक ही झटके में राज्य की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जीवन में रौनक लाने वाला कदम उठाया है। मनोहर लाल खट्टर सरकार के फैसले से आंगनवाड़ी से जुड़ी प्रदेश के लगभग 50,000 कर्मियों और उनके परिवारों के जीवन में खुशियां आई हैं।
हरियाणा देश के उन गिनती के राज्यों में शामिल है, जहां की सरकार ने पिछले नौ वर्षों में समाज के उन सारे वर्गों के कल्याण पर ध्यान दिया है, जो अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं।

करीब 50 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी हुई खट्टर सरकार
बीते शनिवार को ही राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आंगवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी हेल्परों की सैलरी के साथ-साथ उनकी रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभ में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें मिलने वाली अन्य सुविधाओं में भी वृद्धि की है।

आंगनवाड़ी के सभी कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी
खट्टर सरकार के फैसले के बाद जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का अनुभव 10 साल से अधिक है, उन्हें अब हर महीने 14,000 रुपए मिलेंगे। जबकि, इससे कम अनुभव वालों और मिनी आंगनवाड़ी वर्करों को अब हर महीने 12,500 रुपए मिलेंगे। वहीं आंगनवाड़ी हेल्परों को अब 7,500 रुपए मासिक मानदेय दिया जाएगा।

सरकार के फैसले से बढ़ेगा मनोबल
हरियाणा में अभी 23,486 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता काम करते हैं। जबकि, मिनी आंगनवाड़ी वर्करों की संख्या 489 है। इसके अलावा राज्य सरकार में 21,732 आंगनवाड़ी हेल्पर कार्यरत हैं। एक कल्याणकारी राज्य होने का ही परिणाम है कि आज एक साथ ही इतने सारे लोगों को खट्टर सरकार की वजह से मनोबल बढ़ा है।

नौकरी के दौरान और रिटायरमेंट के बाद का भी रखा ध्यान
राज्य सरकार ने इन हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सिर्फ सैलरी बढ़ाकर ही नहीं छोड़ा है। इन्हें रिटायरमेंट के समय जो सेवा लाभ दिया जाता है, उसे भी दोगुना कर दिया गया है। यानि अभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को रिटायरमेंट के समय 1 लाख रुपए मिलता है। लेकिन, नए फैसले के बाद अब यह रकम 2 लाख रुपए कर दी गई है। इसी तरह से आंगनवाड़ी हेल्परों को अब रिटायरमेंट के समय 50,000 रुपए की जगह 1 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा।

4,000 आंगनवाड़ी बनेंगे बाल बाटिका
अब से हरियाणा में सभी श्रेणी की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यूनिफॉर्म भत्ता भी 800 रुपए की जगह 1,500 रुपए मिला करेगा। राज्य सरकार को मालूम है कि समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति के लिए आंगनवाड़ी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी को देखते हुए इसने 4,000 आंगनवाड़ियों क बाल बाटिकाओं में बदलने का सोचा है।

इस फैसले से बच्चों की शुरुआती शिक्षा को और भी बेहतर करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। जब एक सरकार की नीयत सही होती है और उसके फैसले जनता के हित को लेकर होते हैं तो उसी से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाता है। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपनी इस भूमिका को पिछले नौ वर्षों में बखूबी निभाने की पहल की है।












Click it and Unblock the Notifications