OPINION: हरियाणा सरकार का मूल मंत्र: पढ़ेंगी बेटियां, शिक्षित होगा देश
हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार उसी भावना के साथ काम करती है कि अगर समाज में बेटियां सशक्त होंगी, समाज में उनकी भूमिका को अहमियत दी जाएगी, तभी वास्तविक तौर पर 21वीं सदी के नए भारत का निर्माण हो सकेगा।
पिछले नौ वर्षों में खट्टर सरकार ने विभिन्न सरकारी योजना को शुरू करते समय में समाज में बेटियों के इस रोल को प्राथमिकता दी है और उसी का परिणाम है की राज्य की बेटियां देश-विदेश में हरियाणा का गौरव ऊंचा कर रही हैं।

हरियाणा सरकार बेटियों की शिक्षा को दे रही है प्राथमिकता
हरियाणा सरकार समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तरह की वित्तीय सहायता तो दे ही रही है, लड़कियों की शिक्षा को बहुत ज्यादा अहमियत दे रही है। पिछले नौ साल में बेटियों की बेहतर से बेहतर शिक्षा को खट्टर सरकार ने प्रमुखता दी है। यह सब कहने की बातें नहीं हैं, हरियाणा की धरती पर सरकार के इन प्रयासों की वजह से बदलाव नजर भी आता है।

छात्राओं के लिए 20 किमी के दायरे में कॉलेज
अभी देखा जा रहा है कि कुछ राज्यों में जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां की सरकारें चुनाव तारीखों की घोषणाओं से पहले तक अचानक कई लोक-लुभावन योजनाएं लॉन्च की हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनाव अभी एक साल दूर है। लेकिन, इस साल मई तक के ही सरकारी आंकड़े देखे तो लड़कियों की उच्च-शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 20 किलोमीटर के दायरे के भीतर कॉलेजों की स्थापना हो चुकी थी। यानी बेटियों को उच्च-शिक्षा के लिए अपने घर से बहुत दूर जाने की आवश्यकता नहीं है।

छात्राओं के लिए अलग से कॉलेजों की स्थापना
इतना ही नहीं हरियाणा सरकार ने कई कॉलेजों की स्थापना सिर्फ छात्राओं की शिक्षा को ध्यान में रखकर की है। मई तक की बात करें तो खट्टर सरकार के कार्यकाल में राज्य में 72 नए सरकारी कॉलेजों की स्थापना की गई, जिनमें से 31 सिर्फ छात्राओं के लिए हैं। ऊपर से जो बेटियां राज्य में कॉलेज की पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें राज्य सरकार 500 रुपए मासिक स्टाइपेंड भी देती है।

छात्राओं के लिए परिवहन सुरक्षा भी की है सुनिश्चित
बेटियों की उच्च-शिक्षा के लिए सिर्फ कॉलेजों की स्थापना करके ही खट्टर सरकार निश्चिंत नहीं बैठी है। बेटिंया सुरक्षित कॉलेज तक पहुंचें और वापस बेखौफ होकर अपने घरों तक पहुंचें इसका भी ध्यान रख रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने खासतौर पर हरियाणा छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना 2023 लॉन्च किया है।

इस साल मई महीने तक ही इस योजना के तहत राज्य में 211 स्पेशल महिला बसें चलाई जा रही थीं, ताकि छात्राएं सुरक्षित कॉलेज तक आ-जा सकें। बेटियों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा न आए, उसके लिए सरकार ने हर बात का ध्यान रखने की कोशिश की है। जैसे कि राज्य में जिन बेटियों के परिवारों की सालाना आमदनी 1,80,000 रुपए तक है, उनकी पोस्ट-ग्रैजुएशन स्तर तक की फीस सरकार की ओर से माफ है।

इनके अलावा जिन रूटों पर विशेष महिला बसों की सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, ऐसी छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिक्षण संस्थानों तक की 150 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए रोडवेज बसों में किराया माफ कर दिया है।












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