शैलजा ने भाजपा में शामिल होने से इंकार कर पार्टी के मंसूबों पर फेरा पानी, कहा-'पूरी तरह से कांग्रेस में हूं'
Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के मंसूबों पर पानी फिर गया है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा में शामिल होने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस सांसद शैलजा ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं पूरी तरह से कांग्रेस में हूं। मेरे भाजपा में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है। शैलजा का यह बयान तब आया है। जब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें भाजपा में आने का निमंत्रण दिया था। जिससे राजनीति में हलचल मच गई थी।
शैलजा की अनुपस्थिति कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा आयोजित घोषणापत्र लॉन्च से भी चर्चा का विषय बनी रही थी। हालांकि शैलजा ने इसे केवल अफवाह बताया और कहा कि ऐसी खबरें उन लोगों द्वारा फैलाई जा रही हैं। जो कांग्रेस की आगामी चुनावी जीत से डरते हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि हम बड़े अंतर से जीतने जा रहे हैं और सरकार बनाएंगे।

सिरसा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली शैलजा ने कांग्रेस के लिए अपने आजीवन योगदान का हवाला देते हुए भाजपा के निमंत्रण को नकारा है। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूं। वह कांग्रेस की वजह से हूं और मैंने पूरी जिंदगी कांग्रेस की सेवा की है। शैलजा ने अपने बयान से साफ कर दिया कि वे कांग्रेस के प्रति पूरी तरह से वफादार हैं और चुनाव के दौरान इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर ने सार्वजनिक मंच पर शैलजा को भाजपा में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा था कि उनकी पृष्ठभूमि और उनके समुदाय को भाजपा के नेतृत्व में अधिक सम्मान और प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी दलित बहन कुमारी शैलजा सभी से देखभाल और सम्मान की हकदार हैं। हालांकि शैलजा की प्रतिक्रिया ने उनके दलबदल की किसी भी संभावना को खत्म कर दिया।
कांग्रेस के भीतर शैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाले गुटों के बीच आंतरिक गतिशीलता चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां हुड्डा जाट समुदाय का समर्थन प्राप्त करते हैं। वहीं शैलजा का दलित समुदाय के बीच मजबूत पकड़ है। पार्टी के भीतर इन दोनों नेताओं की रणनीतिक स्थिति हरियाणा चुनावों में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आपको बता दें कि हरियाणा में 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। कुमारी शैलजा के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करने से कांग्रेस को मजबूती मिली है। पार्टी अब चुनावी जीत के लिए पूरी तरह से एकजुट हो रही है और शैलजा की निष्ठा कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन बनी हुई है। भाजपा के खिलाफ कांग्रेस का आक्रामक रुख और अंदरूनी एकजुटता राज्य के राजनीतिक भविष्य को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगी।












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