'मुझे जंगल में ले जाकर मारते थे, सिगरेट से जलाते थे', रूस से लौटे हरियाणा के मुकेश ने सुनाई यातना की दास्तान

Haryana News: यूक्रेन के साथ जंग लड़ रहे रूस में कई भारतीय युवक हैं, जो फंस हुए है। हाल ही में रूसी आर्मी में धोखे से भर्ती करने के बाद हैदराबाद के एक युवक की जान चली गई। इसके अलावा कई ऐसी वीडियो भी सामने आ चुकी है, जिसमें भारतीयों ने स्वदेश लौटने की गुहार लगाई।

इस बीच अब रूस से भारत लौटने में सफल हुए हरियाणा के युवक ने ऐसी भयावह आपबीती सुनाई, जिसको जानकर कोई भी सहम जाएगा। मुकेश वो खुशकिस्मत युवक है, जो नौकरी को लेकर धोखा खाने के बाद रूस से भारत लौटने में कामयाब रहा।

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बुरी तरह किया गया टॉर्चर

युवक मुकेश ने दावा करते हुए बताया कि करीब 200 से ज्यादा लोग रूस-बेलारूस बॉर्डर के पास के जंगल में फंसे हुए हैं। जिनको जॉब दिलाने के नाम पर एजेंट्स ने अपने जाल में फंसाया और फिर रूसी आर्मी में शामिल होने के लिए दबाव बनाय। वहीं मना करने पर उन्हे बुरी तरह से टॉर्चर किया जाता है।

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक युवक ने उस भयावहता के बारे में बताया जो पिछले साल उसके भारत छोड़ने के दिन से ही शुरू हो गई थी। भारत के बाहर नौकरी के लिए मुकेश जिन एजेंटों के संपर्क में आया, उन्होंने उसे बताया कि उसे जर्मनी में वर्क परमिट मिल जाएगा। लेकिन फिर उन्हें बैंकॉक भेज दिया गया और वहां से रूस भेज दिया गया।

सेना में भर्ती हो या फिर जाओ जेल

जहां जब रूसी सेना ने उन्हें पकड़ लिया क्योंकि उनके पास कोई कानूनी इंटीग्रेशन दस्तावेज नहीं थे, तो उन्होंने उन्हें सेना में भर्ती करने या फिर जेल का सामना करने के लिए कहा। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में मुकेश ने दावा किया कि रूसी सेना में 250-300 भारतीय हैं, सभी को फर्जी नौकरी के वादों से ठगा गया है।

अपनी आपबीती और रूस जाने के 'डंकी' रास्ते को याद करते हुए मुकेश ने कहा कि वह पिछले साल सितंबर में बैंकॉक का टिकट लेकर भारत से निकले थे, जबकि एजेंटों ने उन्हें बताया था कि उन्हें जर्मनी में वर्क परमिट मिल गया है।

रूस में की मुकेश की पिटाई

मुकेश ने कहा, "जब मैं बैंकॉक पहुंचा, तो उन्होंने मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मेरे परिवार से पैसे ले लिए। फिर उन्होंने मुझे रूस का टिकट दिया। जब मैं रूस पहुंचा, तो डोनर्स (एजेंट/एजेंट के सहयोगी) ने मेरी पिटाई की। डोनरों द्वारा बेलारूस ले जाया गया। वे मुझे जंगल में ले जाकर मारते थे और सिगरेट से जलाते थे। वे मेरे परिवार के सदस्यों को वीडियो कॉल करके उन्हें और पैसे ऐंठने की धमकी देते थे।"

भूखा रखा, सिगरेट से जलाया

मुकेश ने अपनी यातना भरे दिनों को याद करते हुए कहा कि "मैं बिना कुछ खाए 16 दिनों तक जंगल में था। मैं बेहोश था। कुछ दोस्तों ने मेरी मदद की, लेकिन उस समय सेना ने हमें पकड़ लिया। उन्होंने हमसे सेना में सर्विस करने या 10 साल के लिए जेल जाने को कहा। हमने कहा कि हम ऐसा करेंगे। हम सेना में शामिल नहीं हुए। हमें जेल भेज दिया गया। फिर हमें जमानत मिल गई और निर्वासित कर दिया गया।"

बता दें कि कई भारतीय युवा रूसी सेना में सक्रिय रूप से भर्ती करने वाले फर्जी नौकरी रैकेट का शिकार हो गए। भारत ने रूस के समक्ष यह मामला उठाया है और वहां फंसे भारतीयों को जल्द से जल्द निकालने की मांग की है। यूक्रेन के खिलाफ रूसी सेना की ओर से लड़ते हुए युद्ध के मोर्चे पर कम से कम दो भारतीयों की मौत हो गई है।

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