मच्छर जैसे कीट-पतंगों से लोगों के बचाव के लिए हरियाणा सरकार ने मंगाईं 5000 फॉगिंग मशीनें, 3 टेंडर फाइनल हुए
चंडीगढ़। मानसून सीजन में बारिश के दिनों देहाती इलाकों में मच्छर जैसे कीट-पतंगे पनपते हैं। इससे लाखों लोगों की नींद हराम हो जाती है और वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। राज्य सरकार ने इस विपत्ति से निपटने के लिए साजो-संसाधनों की खरीदारी की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि, ग्राम विकास विभाग की तरफ से 5000 फॉगिंग मशीन खरीदी गई हैं। ये इसलिए ताकि इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छर आदि के प्रकोप से बचा जा सके।

राज्य सरकार ने 3 टेंडर फाइनल किए
मनोहर लाल खट्टर ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि, मंगलवार के दिन आज 3 टेंडर फाइनल हुए हैं। जिनसे 200 करोड़ से अधिक का सामान खरीदा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का ख्याल रखने की बात करते हुए बताया कि, प्रदेशवासियों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर हरियाणा-112 शुरू की गई है। जिस पर लोग बड़ी संख्या में कॉल करते हैं। उन्होंने कहा कि, इस नंबर पर 13 जुलाई सुबह 8:00 बजे के बाद पहले 500 घंटों में कुल 2,17,754 कॉल प्राप्त हुईं। उन 500 घंटों में एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कुल कार्रवाई योग्य कॉलों में से 23,924 लोगों द्वारा पुलिस सहायता, 2,836 ने एम्बुलेंस सर्विस और 241 लोगों ने अग्निशमन सेवाओं के लिए अनुरोध किया। वहीं, कुल डिस्पैच कॉलों में से, मल्टी-सर्विस डिस्पैचिस भी थे...जिसमें सिस्टम द्वारा एक ही कॉल पर कई सर्विसेज को डिस्पैच किया गया।

हरियाणा हेल्पलाइन डायल-112 पर जबरदस्त रिस्पॉन्स
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, दूरसंचार एवं आईटी, अरशिंदर सिंह चावला, जो "हरियाणा-112" के नोडल अधिकारी भी हैं, ने बताया कि अब तक आई कुल कॉल्स में से 31,717 कॉल उन लोगों की थीं, जिन्हें मदद की वाकई जरूरत थी। जिनमें से 25,826 आपातकालीन वाहनों को सहायता के लिए घटनास्थल पर भेजा गया। इसके अलावा बाकी कॉल मुख्य रूप से पूछताछ कॉल, ब्लैंक कॉल, प्रशंसा कॉल और मिस्ड कॉल कैटेगरी की थीं। उन्होंने बताया कि सिस्टम में मिस्ड कॉल को मैनेज करने की क्षमता है और यह सुनिश्चित करता है कि कॉलरस को कॉलबैक करके सभी मिस्ड कॉल को अटेंड किया जाए। अरशिंदर सिंह चावला ने आगे बताया कि शुरूआत में रिस्पांस टाइम अपेक्षा से अधिक रहा। रिस्पांस टाइम को 15-20 मिनट के बीच लाने के लिए रोजाना की निगरानी के आधार पर निरंतर सुधार देखा गया है। उन्होंने कहा कि हमारे डिपार्टमेंट के सभी लोगों के प्रयासों से ही औसत रिस्पांस टाइम, जो 13.07.2021 को लगभग 34 मिनट था, अब वह 02.08.2021 को 20 मिनट से नीचे आया है। उन्होंने आगे कहा कि, हरियाणा पुलिस नागरिकों को त्वरित और कुशल इमरजेंसी सर्विस प्रदान करने के लिए तत्पर है और इस संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

लोगों को इस तरह की जाती है तत्काल मदद
राज्य सरकार का इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) पंचकूला में स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (एसईआरसी) और गुड़गांव में एमईआरसी के माध्यम से 601 आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों (ईआरवी) के साथ 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं प्रदान कर रहा है। "हरियाणा 112" पिछले महीने ही शुरू की गई थी। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेशवासियों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह कराया गया।












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