किसान आंदोलनकारियों पर लट्ठ उठाने की बात पर हरियाणा के CM ने दी सफाई, जानिए क्या बोले?
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पिछले दिनों अपने द्वारा कही गई एक बात पर आज सफाई दी। मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलनकारियों पर लट्ठ चलाने के बयान पर खेद जताते हुए आज बयान को वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने पिछले दिनों जो एक बयान दिया, वो वास्तव में आत्मरक्षा के लिए दिया गया था। लेकिन उसे इस तरह प्रचारित किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने लट्ठ उठाने की बात कही है। अब उस पर मैं बताना चाहता हूं कि, ये बात किसी के प्रति दुर्भावना की वजह से नहीं कही गई।"

मुख्यमंत्री बोले- बयान वापस लेता हूं
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि, "मेरे बयान से जिन किसान भाईयों को कष्ट पहुंचा है..मैं उनसे कह रहा हूं कि मैं उस बयान को वापस लेता हूं, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े या शांति भंग हो।"

कहा- अपने अधिकार को दमखम से लें
खट्टर ने हरियाणा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्यों से कहा कि, वे अपने अधिकारों को दमखम से लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि, यदि कहीं अन्याय हो रहा है..तो अन्याय के खिलाफ खड़े होना अति आवश्यक है। यदि कोई अधिकारी योजना के लाभ की एवज में रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत करें। ऐसे अधिकारी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, हमारे कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए ताकि जिनके लिए योजना बनाई गई है, उन तक लाभ पहुंच सके।

15 साल तक का बच्चा नहीं होगा स्कूल से ड्रॉपआउट
स्कूलों बच्चों को ड्रापआउट किए जाने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, परिवार पहचान पत्र का डाटा पूरी तरह से वेरिफाई हो जाने के बाद 5 साल से 15 साल तक का कोई भी बच्चा स्कूल से ड्रॉपआउट नहीं होगा। हर बच्चे को ट्रैक किया जाएगा ताकि वह शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, सूबे में अब चौपालों में लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि, अनुसूचित जाति की चौपालों में लाइब्रेरी की व्यवस्था करने के लिए जल्द ही सर्वे कराकर योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications