भिवानी विधानसभा सीट: BJP के घनश्‍याम सराफ को जीत का चौका लगाने से रोकने का कांग्रेस के पास मौका

Bhiwani Constituency History in Hindi: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा-कांग्रेस समेत अन्‍य दल उम्‍मीदवारों की टिकटें फाइनल करने में जुटी हैं। भिवानी में भाजपा के मौजूदा विधायक घनश्‍याम सराफ जीत का चौका लगाने के इरादे से ताल ठोक रहे हैं जबकि कांग्रेस 15 साल बाद यह सीट अपने हाथ में लेना चाह रही है। भाजपा-कांग्रेस दोनों ने ही अभी उम्‍मीदवार घोषित नहीं किए हैं।

भिवानी विधानसभा क्षेत्र एक शहरी सीट है, जिसमें भिवानी शहर के 31 वार्ड और इसके ग्रामीण क्षेत्र के लगभग गांव और ढाणियां शामिल हैं। नवीनतम मतदाता सूची के अनुसार यहां 2,35,010 मतदाता हैं, जिनमें 1,23,168 पुरुष और 1,11,839 महिलाएं हैं। आगामी 2024 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है।

Bhiwani vidhan sabha chunav 2024

भिवानी विधानसभा सीट इतिहास

भाजपा विधायक घनश्याम सराफ लगातार तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं और एक बार भाजपा सरकार में जनस्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। सराफ के अलावा भाजपा जिला अध्यक्ष मुकेश गौड़ और शशि रंजन परमार जैसे कई नेता भाजपा से टिकट की दौड़ में हैं। कांग्रेस की ओर से डॉ. शिवशंकर भारद्वाज समेत 34 उम्मीदवारों ने टिकट के लिए आवेदन किया है।

Bhiwani vidhan sabha chunav 2024

2019 के चुनाव में घनश्याम सराफ ने 47.40% वोट हासिल कर जननायक जनता पार्टी के डॉ. शिवशंकर भारद्वाज को 27,884 वोटों से हराया था, जिन्हें करीब 25.98% वोट मिले थे। कांग्रेस के अमर सिंह 14.35% वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। सराफ 2014 और 2009 के चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर जीते थे।

भिवानी विधानसभा क्षेत्र में जातिवार मतदाता

भिवानी विधानसभा सीट पर ब्राह्मण समुदाय के मतदाताओं की संख्या 40,000 से ज़्यादा है। पंजाबी मतदाताओं की संख्या 20,000 से ज़्यादा है, जबकि महाजन समुदाय के मतदाताओं की संख्या 18,000 से ज़्यादा है। राजपूत और जाट समुदायों के मतदाताओं की संख्या 20,000 के करीब है। बाकी मतदाता अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हैं।

ब्राह्मण बहुल होने के बावजूद इस सीट से ज्यादातर विधायक महाजन समुदाय से ही रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल 2000 में यहां से विधायक थे, जबकि रामभजन अग्रवाल 1991 और 1996 में एचवीपी के टिकट पर विधायक रहे।

भिवानी विधानसभा चुनाव 2024 के मुद्दे

भिवानी में रोज़गार की बहुत सी चुनौतियाँ हैं, क्योंकि यहाँ के बहुत से निवासी रोज़ाना काम के लिए दिल्ली और गुड़गांव आते-जाते हैं। स्थानीय रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने के लिए भिवानी में एक बड़े उद्योग की लंबे समय से मांग की जा रही है।

केंद्र सरकार ने भिवानी रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार तो काफी लागत से किया है, लेकिन सड़क निर्माण जैसी अन्य शहरी विकास परियोजनाएं उपेक्षित हैं। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और पंडित भगवत दयाल मेडिकल कॉलेज की स्थापना कांग्रेस की हुड्डा सरकार के दौरान हुई थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है।

भिवानी चुनावी रुझान

हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में भिवानी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार ने 27 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की, जो भाजपा के लिए शहरी समर्थन को दर्शाता है। ऐतिहासिक रूप से, इस निर्वाचन क्षेत्र में INLD कभी भी मजबूत नहीं रही है, यहाँ हमेशा भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखा गया है।

कल्लू शर्मा ने कहा कि भिवानी विधानसभा क्षेत्र में विकास के बहुत ज़्यादा काम नहीं हुए हैं, जिससे लोगों में असंतोष है। यह भावना कांग्रेस के प्रदर्शन के पक्ष में हो सकती है, हालांकि जातिगत समीकरण भारतीय जनता पार्टी को ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाते नज़र आते हैं।

शहरी क्षेत्रों में अपनी अपील के कारण भाजपा का प्रभाव महत्वपूर्ण बना हुआ है, जबकि कांग्रेस आगामी चुनावों में बढ़त हासिल करने के लिए विकास के मुद्दों पर स्थानीय शिकायतों का लाभ उठाने की उम्मीद कर रही है।

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