अदालत में पेशी से बचने के लिए झूठी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट दी, जज ने केस कराया, जमानत भी रद्द
पंचकूला। यहां अदालत में पेशी से बचने के लिए एक आरोपी ने कोरोना पॉजीटिव होने की झूठी रिपोर्ट पेश कर दी। उसने कहा कि, मुझे कोरोना हो गया है, लिहाजा अदालत में पेश नहीं हो पाउंगा। मगर, अदालत में उसका झूठ पकड़ा गया। जज ने उसके खिलाफ केस दर्ज करने निर्देश दिए और जमानत भी रद्द कर दी। बता दें कि, यह मामला हरियाणा की कंपनी फ्यूचर मेकर लाइफ केयर और एफएमएलसी ग्लोबल मार्केटिंग की धोखाधड़ी का है।

धोखाधड़ी के उक्त मामले में अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। वहीं पर आरोपी राम सिंह ने पेशी से बचने के लिए झूठी कोविड पॉजीटिव रिपोर्ट पेश कर दी। लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका। जज ने अब इस मामले की सुनवाई 25 अगस्त को करने की बात कही है। चूंकि, आरोपी राम सिंह की जमानत रद्द कर दी गई है, तो वह पुलिस की गिरफ्त में ही रहेगा।

फर्जी सर्टिफिकेट पड़े महंगे, महिला पर केस
फर्जी कागज दिखाने का ऐसा ही एक मामला लुधियाना से सामने आया है, जहां महिला ने फर्जी सर्टिफिकेट से असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी ले ली। उसने बीए का सर्टिफिकेट 40 हजार में बनवाया था। इस संबंध में 7 साल बाद मिली शिकायत के बाद थाना सिटी की पुलिस ने आरोपी पवनदीप कौर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि, लुधियाना से भी महिला का रिकॉर्ड निकलवाया जा रहा है। बस स्टैड चौकी की इंचार्ज कमलदीप कौर के मुताबिक, आरोपी महिला पवनदीप कौर बीए पास नहीं थी, बल्कि उसने बीए के तीनों सिमेस्टर के सर्टिफिकेट जाली लगा दिए थे। वो आईसीआईसीआई बैंक में असिस्टेंट मैनेजर पोडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कॉप लिमिटेड जगराओं के रूप में तैनात हुई, जोकि फिलहाल किसी अन्य बैंक में पोस्टिड है। बहरहाल, पुलिस उक्त फर्जी दस्तावेज बनाने वाले की भी तलाश में जुटी है।












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