India Qatar: कतर कोर्ट ने नेवी के पू्र्व अफसर पूर्णेन्दु को दी रिहाई, परिजनों ने जताई खुशी फिर भी मन में मलाल
India Qatar: कतर की जेल में बन्द नौसेना अधिकारियों की जेल से रिहाई हो गई है। इनमे से सात अधिकारी भारत लौट भी आये है। इन सबको क़तर कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई थी लेकिन भारत सरकार द्वारा लड़ी गई लंबी कूटनीतिक लड़ाई के बाद आख़िरकार इनकी सज़ा माफी और फिर रिहाई हो सकी।
हालांकि रिहाई के बावजूद पूर्णेन्दु तिवारी अभी भारत नही लौटे है। ग्वालियर में रहने वाली उनकी बहिन मीतू भार्गव ने भारत सरकार और प्रधानांमन्त्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया हैं।लेकिन उनका कहना है कि उन्हें सच्ची खुशी तब होगी जब उनके भाई भारत लौटकर आ जाएंगे।

ग्वालियर के विंडसर हिल्स में रहने वाली पूर्णेन्दु की बहन डॉ मीतू भार्गव ने कहाकि सब लोग जेल से रिहा हो गए। कुछ लोग देश लौट भी आये है। यह बड़ी खुशी की बात है।
डॉ भार्गव कहती है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,विदेश मंत्री एस जयशंकर, क़तर के अमीर सबको धन्यवाद देना चाहते हैं कि उनके प्रयासों से आज जो हमारे सात पूर्व नौसैनिक अधिकारी वापिस आ गए।पूर्णेदु की बहन मीतू भार्गव भावुक होकर कहती है कि मेरी खुशी और बढ़ जाती अगर मेरे भाई भी वापिस भारत आ जाते। मीतू बताती है कि वे रिहा हो गए है। लेकिन वे अभी दोहा में हैं। मेरी प्रधानमंत्री जी से प्रार्थना है कि उन्हें भी शीघ्रतिशीघ्र भारत लाया जाये।
इसलिए उनकी भारत वापिसी रुकी
पूर्णेन्दु के भारत न आ पाने की बजह बताते हुए मीतू कहती हैं कि रिहा होने के बावजूद वे अभी दोहा में है। वे कहती है कि उनकी भाई से बात हुई है। वे रिहाई से बहुत खुश हैं लेकिन वे भारत लौटने का बेसब्री से इंतज़ार में हैं। उनके अनुसार अभी उन पर ट्रेवल बेन लगा हुआ है। वहां हमारीं एम्बेसी और हमारे एम्बेसडर विपुल जी लगातार कोशिश कर रहै हैं कि और हमे उम्मीद है कि वे जल्दी ही भारत आएंगे।
क्या है मामला
कतर में जासूसी का आरोप झेल रहे पूर्व भारतीय नौसेन अधिकारियों में ग्वालियर के पूर्णेदु तिवारी भी हैं। पूर्णेदु की बहन की ससुराल ग्वालियर में है। उनकी बहन के ससुर डॉ पी एन भार्गव ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके की विंडसर हिल में रहते है। उन्हें जब मौत की सज़ा के उम्रकैद में बदलने की सूचना मिली तो वे खुशी से भावुक हो गए। उनका कहना है कि इसमें भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा प्रयास रहा है।
उनका कहना है कि परिवार लगातार भारत सरकार के संपर्क में था। इसमे भारत सरकार ने पूरी मदद की और इसके लिए उंसकी जितनी तारीफ की जाए कम ही है। कतर में नौसेना की ट्रेनिंग देने वाली एक संस्था में काम करने वाले आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों को 20 अगस्त 2022 को कतर में गिरफ्तार कर लिया गया था और आरोप लगाया गया कि वे लोग देश के खिलाफ मुखबिरी कर रहे थे।
देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए पकड़े गए भारतीयों में कैप्टन नव तेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, वीरेंद्र वर्मा, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी,कमांडर सुगनाकर पकाला ,कमांडर संजीव गुप्ता, अमित नागपाल और सेलर राकेश शामिल है। आनन - फानन में की गईँ सुनवाई के बाद 26 अक्टूबर 2023 को क़तर की अदालत ने सभी को मौत की सज़ा सुना दी तो देश भर में हड़कंप मच गया.था।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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