Gwalior News: ग्वालियर में दिनदहाड़े सरपंच की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी से पुलिस का एनकाउंटर
संवाद सूत्र - पंकज श्रीमाली ग्वालियर
ग्वालियर में कांग्रेस से जुड़े सरपंच को दिनदहाड़े दर्जनों गोलियां चलाकर मौत के घाट उतारने वाले मुख्य आरोपी से आज देर शाम पुलिस का आमना सामना हो गया जिसके बाद दोनों ओर से हुई फायरिंग में मुख्य बदमाश गोली लगने से घायल हुआ है
घायल बदमाश को पुलिस ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंची है जहां उसका इलाज किया जा रहा है इस मामले में पुलिस चार आरोपियों को पहले से ही गिरफ्तार कर चुकी है. पुरानी रंजिश और सरपंची चुनाव को लेकर हुए झगड़े में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था जिसमें वर्तमान में भितरवार से भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह राठौड़ पर भी आरोप लगाए गए थे।

बनहेरी पंचायत के सरपंच विक्रम रावत रावत की दिनदहाड़े हत्या करने वाले मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र रावत का पुलिस ने एनकाउंटर किया है और गोली लगने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि सरपंच हत्याकांड का मुख्य आरोपी अपने परिजनों से मिलने गांव पहुंच रहा है जिस पर पनिहार थाना पुलिस सक्रिय हुई आज देर शाम पुलिस को पुष्पेंद्र के उसके पैतृक गांव पनिहार पहुंचने की सूचना मिली थी। टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही पुष्पेंद्र ने फायरिंग कर दी। उसने 4-5 गोलियां चलाईं। इसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई, जो पुष्पेंद्र के पैर में लगी। फिलहाल, उसे ग्वालियर के जया आरोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बता दें कि 9 अक्टूबर को बन्हैरी गांव के सरपंच विक्रम सिंह रावत की ग्वालियर में पड़ाव स्थित गांधी नगर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले में इंदौर के पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत, अतेन्द्र रावत, बंटी रावत और पुष्पेंद्र रावत समेत अन्य पर केस दर्ज किया गया है। चार दिन पहले अतेन्द्र और बंटी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुरानी रंजिश पर विक्रम रावत की की गई थी हत्या
आपको बता दे की पुरानी रंजिश पर सरपंच विक्रम रावत की हत्या की गई थी विक्रम रावत अपने वकील से मिलने के लिए गांधीनगर पहुंचा था तभी तक लगाकर बैठे आरोपियों ने विक्रम रावत पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी और 8 से 9 गोलियां मारी गई थी जिसमें विक्रम रावत की मौत हो गई थी इस घटना के बाद पुलिस को आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला था।
सरपंच की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने गांव में मचाया था बवाल
सरपंच विक्रम रावत की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने आरोपियों के घरों और उनके आसपास रहने वाले घरों में आग लगा दी थी और तकरीबन 70 से 80 घर जलाई गई थी कई लोगों की पिटाई की गई थी और लूटपाट भी हुई थी पुलिस ड्रेस मामले में तकरीबन पांच अलग-अलग फिर दर्ज की थी और एक सैकड़ा लोगों पर मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
भितरवार थाना क्षेत्र में हुई घटना में भाजपा प्रत्याशी का नाम आया था सामने
यह पूरी घटना ग्वालियर के भितरवार थाना क्षेत्र के बनेहरी गांव में हुई थी भितरवार से भाजपा ने सिंधिया समर्थक मोहन सिंह राठौड़ को उम्मीदवार बनाया है और सरपंच की हत्या में सरपंच की पत्नी द्वारा पुलिस अधिकारियों और मीडिया के सामने मोहन सिंह राठौड़ का नाम लिया था कि चुनावी रंजिश के चलते उनके पति की हत्या कराई गई है।












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