Gwalior Zoo: 42 दिन बाद पिंजरे से निकले दो शावक, मां के साथ उछलता देख रोमांचित हुए सैलानी

Gwalior Zoo: चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि नन्हे शावकों का नामकरण स्कूली बच्चों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर रजिस्टर रखा जाएगा।

Gwalior Gandhi Zoological Park,

Gwalior Zoo: ग्वालियर का गांधी प्राणी उद्यान सोमवार को उस समय जहक उठा जब बाघिन के दो शावकों को पर्यटकों के देखने के लिए खुले बाड़े में आजाद कर दिया गया। बाघिन दुर्गा ने 5 मार्च को दोनों बच्चों को जन्म दिया था। शावकों को 42 दिन तक आइसोलेशन में रखा गया था।

सोमवार को पहली बार दोनों शावकों को बाघिन मां के साथ बाड़े में निकले। इन्हें देखने के लिए चिड़ियाघर में पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा।

ग्वालियर चिड़ियाघर में मादा बाघिन दुर्गा ने 5 मार्च की रात दो बच्चों को जन्म दिया था। दोनों शावकों को 42 दिन तक आइसोलेशन में रखा गया था। 17 मार्च को पहली बार इन दोनों शावकों को पिजड़े से बाहर बाड़े में छोड़ा गया। गांधी प्राणी उद्यान के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दोनों शावकों का मेडिकल चेकअप किया। उसमें वह पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए।

महापौर शोभा सिकरवार की उपस्थिति में दोनों शावकों को गाइडलाइन अनुसार बाड़े में छोड़ा गया। नन्हें बच्चे अपनी मां दुर्गा के साथ बाड़े में निकले। शुरुआत में वो डरे लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने पूरे बाड़े में दुर्गा के साथ चहलकदमी उछल कूद शुरू कर दी। नन्हें बच्चे पूरे बाड़े में घूमते रहे। प्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर उपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि इन शावकों को चिकिन सूप और मटन खाने के लिए दिया जा रहा है।

चिड़ियाघर में पहली बार नन्हे बच्चों को बाड़े में छोड़ा गया। उन्हें देखने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। चिड़ियाघर में शावकों का पहली बार देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा थी। नन्हे शावकों को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया। नन्हे बच्चे इन शावकों को देखकर रोमांचित नजर आए।

ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान में इस समय 7 बाघ, 5 शेर, 2 भालू, 13 मगर, 5 घड़ियाल, 11 ब्लैकबक, 2 तेंदुआ, 3 हिप्पो, सहित करीब 550 से ज्यादा जानवर मौजूद हैं।

ग्वालियर महापौर शोभा सिकरवार ने जानकारी दी ग्वालियर गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की बढ़ती तादाद खुशखबरी है। आने वाले तीन दिन के अंदर चिड़ियाघर की सफेद मादा शेरनी मीरा भी मां बनने वाली है।

ग्वालियर प्राणी उद्यान में शेर, बाघ और तेंदुआ की संख्या बढ़ती जा रही हैं। इससे न सिर्फ चिड़ियाघर गुलजार हो रहा है बल्कि बढ़ती संख्या से अन्य चिड़ियाघर से चेंज कर दूसरे जानवरों को लाने में भी मदद मिल रही है।

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