मेडिकल कॉलेज में बेटी का एडमिशन कराने का झांसा देकर डॉक्टर से लाखों की ठगी, डीन समेत तीन पर केस दर्ज
Gwalior News: ग्वालियर के रहने वाले एक डॉक्टर के साथ उसकी बेटी का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर दिल्ली और उत्तरप्रदेश के ठगों के एक गिरोह द्वारा 11 लाख 50 हजार से ज्यादा रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस मामले में ग्वालियर की क्राइम ब्रांच पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में मेडिकल कॉलेज का एक डीन भी शामिल है।

दरअसल शहर के बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले डॉ उपेंद्र यादव ने शिकायत दर्ज कराई है
पिछले वर्ष उनकी बेटी वंशिका यादव ने नीट का एग्जाम दिया था। उसमें उसके कुछ नम्बर कम आये थे। इसके चलते उसका मेडिकल मेडिकल कॉलेज में दाखिला नही हो सका जिससे वह परेशान थी। उंसकी दशा देखकर उंसके एक पड़ौसी एसके त्रिपाठी ने कहाकि वह उसका कही मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करवा देंगे तो उसका डिप्रेशन दूर हो जाएगा। उन्होंने लखनऊ निवासी अपने परिचित शैलेश शर्मा से बात कराके बेटी का मेडिकल में दाखिला कराने को बोला। इसके बाद शैलेश ने उनकी बातचीत बरेली के कौशल शर्मा, मेरठ के अनुज प्रधान से कराई।
इन दोनों ने बताया कि संजय झा दिल्ली की मदद से वह निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करवा देंगे। इसके बाद उन्होंने वंशिका का एडमिशन सुभार्थी मेडिकल कॉलेज मेरठ में कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद कौशल शर्मा ग्वालियर में डॉ उपेंद्र यादव के घर आये और एडमिशन प्रक्रिया के लिए 2 लाख रुपये ले गए। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी रसीद कॉलेज से ही मिलेगी।
मेरठ में कराई डीन से मुलाकात
डॉ यादव ने पुलिस को बताया कि उन्हें 27 जनवरी 2023 को मेरठ के सुभार्थी मेडिकल कॉलेज बुलाया और वहां उनकी मुलाकात डीन अनुज प्रधान से करवाई। यहां बातचीत हुई और उन्होंने एडमिशन के लिए 20 लाख रुपये मांगे। यहां उन्होंने बीस लाख रुपये दे दिए। रसीद मांगने पर उन्होंने कहाकि अभी स्टाफ चला गया है। रसीद बाद में दे दी जाएगी। इसके बाद न रसीद मिली न एडमिशन। संपर्क करने पर वे लोग बहाने बनाकर टालते रहे। अचानक एक दिन प्रधान ने कॉल करके बताया कि एडमिशन का मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन हो गया है। उसका निर्णय आने के बाद ही हो सकेगा।
इस बीच एडमिशन का समय ही निकल गया तो डॉ यादव ने इन लोगो से पैसे लौटाने को कहा तो पहले वे आजकल करते रहे लेकिन जब उन पर दबाव बनाया तो उन्होंने कुछ रुपये लौटा दिए लेकिन साढ़े ग्यारह लाख रुपये नही लौटाए। आखिरकार डॉ यादव ने सारी बात पुलिस को बताई।
पुलिस अधिकारियों ने बताइ यह बात
एसपी राजेश सिंह चन्देल के अनुसार पुलिस ने लंबी विवेचना के बाद कौशल शर्मा, अनुज प्रधान और संजय झा के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अमानत में खयानत करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों ही आरोपी फरार है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए बरेली मेरठ और दिल्ली जा रही है।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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