VIDEO: असम में भूकंप: PM ने की CM से बात, प्रियंका गांधी ने कहा- आपके लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं
गुवाहाटी, 28 अप्रैल: असम में आज सुबह भयंकर भूकंप आ गया। रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 6.4 आंकी गई। राज्य के कई इलाकों में लोगों को भूकंप के झटके लगे। पक्की सड़कों पर दरार पड़ गईं। कुछ जगहों पर लोग घरों से बाहर हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप को लेकर कहा कि, राज्य के कुछ हिस्सों में भूकंप आया है, उसे लेकर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की है। मोदी बोले, "मैंने राज्य को केंद्र सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मैं असम के लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना करता हूं।"
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, भूकंप के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्थिति का आंकलन करने के लिए मैंने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की है। शाह ने कहा, "केंद्र सरकार असम की हमारी बहनों और भाइयों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम सभी की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।"

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्वीट किया- ''असम में भूकंप का बड़ा झटका महसूस किया गया है। मैं हर किसी के कुशल-मंगल होने की कामना करता हूं। साथ ही लोगों से अपील करता हूं कि वो पूरी तरह से अलर्ट रहें। अभी मैं अन्य जिलों से भी अपडेट ले रहा हूं।'

कांग्रेस की महिला नेता व राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने अपने आॅफिशियल ट्विटर अकाउंट पर लिखा- "असम की मेरी बहनों और भाइयों... आप कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप और भूकंप के दोहरे संकट से जूझ रहे हैं। आप के लिए मेरा प्यार और प्रार्थनाएं।"

इससे पहले हरियाणा के रोहतक में भी मंगलवार को भूकंप के झटके लगे थे। रोहतक में कल शाम 7 बज कर 10 मिनट पर भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर उस भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई थी। हालांकि यहां किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

भूकंप आने पर क्या-क्या करें?
- यदि भूकंप आये तो आप मजबूत व हल्के परिसर के अंदर शरण लें।
- बाहर सुरक्षित स्थानों की तलाश करें और सीधे उसी स्थान पर जाएं।
- मजबूत टेबल या बेड के नीचे भी छिप सकते हैं।
- पेड़-पौधों से दूर हो जाएं। किसी भीतरी दीवार का भी रूख कर सकते हैं।
- उस जगह से दूर रहें जहां खिड़की, शीशे, तस्वीरों से कांच गिरकर टूट सकता हो या जहां किताबों के भारी शेल्फ अथवा भारी फर्नीचर नीचे गिर सकता हो।
- खुले क्षेत्र में बिल्डिंग, पेड़ों, टेलीफोन, बिजली की लाइनों, फ्लाईओवरों तथा पुलों से दूर रहें।
- आपातकालीन टेलीफोन नंबरों को जरूर अपने मोबाइल में सेव रखें (जैसे डाक्टरों, अस्पतालों, पुलिस के टेलीफोन नंबर)।
- परिवार के सदस्यों को भूकंप के बारे में जानकारी दें।












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