PM मोदी की कलाई पर इस बार राखी नहीं बांध पाएगी ये पाकिस्तानी बहन, चिट्ठी में लिख भेजीं दुआएं
अहमदाबाद। रक्षा बंधन पर इस बार एक पाकिस्तानी बहन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कलाई पर खुद राखी नहीं बांध पाएगी। कोरोना-संकट के चलते उसने खुद यहां ना आते हुए प्रधानमंत्री के लिए अपनी राखी भेजी है। साथ ही एक चिट्ठी के जरिए दुआएं भी दी हैं।

25 सालों से नरेंद्र मोदी को बांध रहीं राखी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कमर मोहसिन हसन नामक महिला, जो पाकिस्तान से ताल्लुक रखती हैं, वह बीते करीब 25 सालों से नरेंद्र मोदी के लिए राखी मनाती आ रही हैं। उन्हें मोदी की मुंहबोली बहन माना जाता है। किंतु इस रक्षाबंधन पर जबकि, कोरोना महामारी फैली हुई है तो मोहसिन नरेंद्र मोदी के पास नहीं पहुंच सकेंगी। लेकिन उन्होंने पोस्ट द्वारा राखी भेजी है। उन्होंने एक चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें पीएम मोदी के लिए दुआएं लिखी हैं।

साल में एक बार ही मिल पाती हैं
मोहसिन ने कहा, ''मुझे अब तक पीएम मोदी से मिलने का मौका नहीं मिला है, अगर कॉल आए तो दिल्ली ज़रूर आना चाहूंगी। मोदी एक आम इंसान की तरह बहुत काम करते हैं। मुझे साल में एक बार ही उनसे मिलने का अवसर मिल पाता है। अपने इस भाई की कलाई पर राखी बांधने का रक्षाबंधन के पर्व पर ही सौभाग्य प्राप्त होता है।''

मोदी की तारीफ करते हुए बोलीं
नरेंद्र मोदी की कलाई पर राखी बांधने की बात पर मोहसिन खुश हुईं। बोलीं कि, ''मैं इसके लिए बेहद खुश हूं। मैं यही कामना करती हूं कि मोदी हमेशा स्वस्थ रहें और उनके फैसलों को पूरी दुनिया में यूं ही पहचान मिलती रहे।''

गुजरात में रहती हैं कमर मोहसिन हसन
बकौल मोहसिन, ''मैंने जब मोदी जी को राखी बांधना शुरू किया था तो वह एक संघ कार्यकर्ता थे। हमारा परिवार पाकिस्तान के कराची शहर से गुजरात के अहमदाबाद में आकर बसा। अभी अहमदाबाद में ही रहती हूं।''












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