आज से खुले गुजरात के तीर्थस्थल, 61 दिन से बंद सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे भक्त, कुछ पाबंदियां बरकरार
अहमदाबाद। कोरोना महामारी के चलते लंब समय से आमजन के लिए बंद गुजरात के तीर्थस्थल अब खुल रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन फॉलो करने का निर्देश देते हुए मंदिर-दर्शन की अनुमति दे दी है। हालांकि, ज्यादातर मंदिरों में अभी 50 लोग एकत्रित होने पर भी रोक है। प्रदेश में 61 दिन बंद रहने के बाद सोमनाथ मंदिर खुल गया है। वहीं, अंबाजी मंदिर भी 57 दिन बाद 12 जून से खुलेगा।

बापा का मंदिर 15 जून के बाद खोला जाएगा
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि, आज यानी कि 11 जून से द्वारकाधीश का मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुल गया है। कोरोना के चलते यह लंबे समय तक बंद रखा गया था। राज्य सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि, भगवान द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तों को कोरोना की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। वहीं, अभी अंबाजी धाम में माताजी के दर्शन के लिए आने वालों को गर्भगृह के सामने खड़े रहने नहीं दिया जाएगा, इसके बदले भक्तों को चलते-चलते ही दर्शन करने होंगे।

ये मंंदिर भी आज से आमजन के लिए खुले
गुजरात के अन्य प्रमुख मंदिर- जैसे पावागढ़ मंदिर, चोटिला का चामुंडा माताजी का मंदिर, आशापुरा माताजी का मंदिर, भावनगर का खोडियार मंदिर और वडताल का स्वामीनारायण मंदिर, नडियाद का संतरामपुर मंदिर भी खोले गए हैं। वहीं, अभी बगदाणा का बजरंगदास बापा का मंदिर 15 जून के बाद खोला जाएगा। इसके अलावा डाकोर मंदिर के बारे में एक बैठक आयोजित करने के बाद फैसला लिया जाएगा।

अभी नाइट कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई
एक अधिकारी ने कहा कि, गुजरात धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है। राज्य सरकार ने मिनी लॉकडाउन में और छूट देने का निर्णय लिया है। अब शुक्रवार से यहां कई बड़े धार्मिक स्थल आमजन के लिए खोले गए हैं। साथ ही दुकान-मॉल्स और व्यवसायिक इकाइयां रोज शाम 7 बजे तक खुली रह सकेंगी। सरकार ने कहा है कि, ये नियम 26 जून तक लागू रहेंगे। फिलहाल नाइट कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई है। बस सेवाएं और एसटी बसें जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस भी शुरू हो गई हैं, जिन्हें 60% क्षमता के साथ अनुमति दी गई है।












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