एमपी में संकट झेल रही कांग्रेस के लिए गुजरात से अच्छी खबर, भाजपा को लगा झटका
अहमदाबाद। होली के दिन मध्य प्रदेश में सत्ता गंवाने के कगार पर खड़ी कांग्रेस के लिए गुजरात से अच्छी खबर आई है। पिछले चार साल से टल रहा गुजरात यूनिवर्सिटी छात्र संघ का चुनाव आखिरकार बीते सोमवार को हुए। 8 सीटों पर हुए इस चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के प्रत्याशियों में सीधा मुकाबला हुआ। इस चुनाव में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने 6 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के महज 2 सीटों पर ही सिमट जाने से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। चुनाव परिणाम आने के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बवाल काटा लेकिन पुलिस ने कुछ ही समय में उन पर काबू कर लिया।

एनएसयूआई ने चुनाव में बेरोजगारी-स्वरोजगार को मुद्दा बनाया था और पीजी आर्ट्स, पीजी कॉमर्स, यूजी साइंस, बीएड, लॉ, और एजुकेशन विभाग जैसी सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं मेडिकल की दो सीटों पर एबीवीपी के प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। चुनाव में जीते हुए एनएसयूआई के छात्रों का कहना है कि गुजरात सरकार जानबूझ कर छात्रसंघ चुनाव बीते चार साल से टाल रही थी। लेकिन परिणाम से यह साबित हुआ है कि गुजरात के युवा सरकार की नीतियों से नाराज है।

जानकारों का कहना है कि सरकार की नीतियों ने चुनाव परिणाम को एकतरफा बना दिया जिसका असर अब राज्य के आनेवाले सभी चुनावों पर देखा जाएगा। इस जीत से कांग्रेस में नई उर्जा आएगी। साथ ही संगठन पहले की तुलना में और मजबूत हो कर उभरेगी। युवाओं का रुख होने के कारण कांग्रेस पार्टी अब नए उत्साह और उमंग के साथ पंचायत चुनाव में बीजेपी से मुकाबला करेगी।












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