Morbi Bridge के पास पहुंचे PM, हेलिकॉप्टर लैंडिंग से पहले ढका गया Oreva कंपनी का बोर्ड, दफ्तर में ताला
Morbi Bridge Collapse में ओरेवा कंपनी की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी बीच पीएम मोदी के दौरे से पहले स्थानीय प्रशासन ने ओरेवा बोर्ड को चादरों से ढक दिया। morbi bridge collpase oreva company board covered pm modi vi
Morbi Bridge Collapse के बाद पीड़ितों से मिलने पहुंचे। इसी बीच पीएम मोदी के मोरबी दौरे से पहले, मोरबी प्रशासन ने सस्पेंशन ब्रिज के मेंटेनेस का काम देखने वाली कंपनी ओरेवा का बोर्ड चादरों से ढक दिया। इंडियाटुडे की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे से ठीक पहले जिला प्रशासन को मोरबी में पुल का रखरखाव करने वाली कंपनी ओरेवा के बोर्ड को सफेद चादर से ढकते हुए पाया गया।

ओरेवा कंपनी का बोर्ड ढका गया
सामने आई तस्वीरों में पुल के वर्टिकल सस्पेंडर पर लगा हुआ ढका हुआ ओरेवा बोर्ड दाईं ओर देखा जा सकता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में लिखा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलिकॉप्टर मोरबी में उतरने से कुछ ही घंटे पहले मोरबी प्रशासन ने दुर्घटनास्थल पर ओरेवा के बोर्ड को सफेद चादर से ढक दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे दुनिया की सबसे बड़ी पुल त्रासदी में एक भी कहा जा रहा है।

15 साल का कॉन्ट्रैक्ट, शुरुआत में ही नाकामी !
बता दें कि ओरेवा ग्रुप (अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड) ने मोरबी पुल के संचालन और रखरखाव के लिए 15 साल के अनुबंध पर साइन किया था। 30 अक्टूबर को पुल ढहने से हुए हादसे में अब तक कम से कम 135 लोगों के मारे जाने की सूचना है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका है।

ढके हुए ओरेवा कंपनी के बोर्ड
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 1 नवंबर को मोबरी ब्रिज कोलैप्स के बाद स्थिति का जायजा लेने और जांच प्रक्रिया का मूल्यांकन करने मोरबी पहुंचे। शाम को सामने आई तस्वीरों में पीएम मोदी को पुल के एक छोर पर वर्टिकल सस्पेंडर पर लगे ढके हुए ओरेवा कंपनी के बोर्ड के ठीक नीचे खड़ा देखा गया। एक अधिकारी पीएम मोदी को जानकारी दे रहे हैं कि रविवार को दुर्घटना कैसे हुई।

अहमदाबाद में ओरेवा कंपनी पर ताला
समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट और तस्वीरों में भी देखा गया कि ओरेवा कंपनी के दफ्तरों पर ताले लटके हैं। अहमदाबाद में ओरेवा की एक संपत्ति, ओरेवा फार्म, पर मंगलवार को ताला लटका पाया गया।

कब और कहां हुआ हादसा
Morbi Bridge गुजरात में माछू नदी पर बना 100 साल से अधिक पुराना केबल पुल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब पुल टूटा तो उस पर सैकड़ों लोग सवार थे। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मोरबी सस्पेंशन पुल की क्षमता 100 लोगों की है, लेकिन इस पर 400 से अधिक लोग पहुंच गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओरेवा नाम के एक निजी ट्रस्ट ने सरकार से टेंडर मिलने के बाद पिछले हफ्ते पुल का नवीनीकरण किया था। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत के लिए पुल को सात महीने के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट लिए पुल दोबारा खोल दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications