3 साल पहले मर चुके शख्स के नाम पर जारी हुआ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, SMS से घर वाले परेशान

अहमदाबाद, 2 जून: कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए देशभर में टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। मौजूदा वक्त में सिर्फ दो ही वैक्सीन कंपनियां देश में उत्पादन कर रहीं, जिस वजह से कई राज्यों से सप्लाई में कमी की खबर सामने आ रही है। इस मुश्किल हालात में भी कई जगहों पर टीकाकरण के नाम पर खेल हो रहा है, जहां ऐसे लोगों का नाम भी वैक्सीन लेने वालों की लिस्ट में है, जो कई सालों पहले ही मर गए थे।

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अब ताजा मामला गुजरात के उपलेटा से सामने आया है, जहां पर हरदासभाई करिंगिया के परिवार के सदस्यों को हाल ही में एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया की 3 मई को हरदासभाई को टीका लगा। ये पढ़ते ही घर वालों के होश उड़ गए, क्योंकि उनकी मृत्यु तो तीन साल पहले 2018 में ही हो गई थी। सबूत के तौर पर घर वालों के पास मृत्यु प्रमाण पत्र भी मौजूद है। ऐसे में अब वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

दाहोद में भी ऐसा ही मामला सामने आया है जहां नरेश देसाई नाम के एक व्यक्ति को हाल ही में CoWIN से एक एसएमएस मिला। जिसमें कहा गया था कि उनके पिता नटवरलाल देसाई को कोविड -19 का टीका लगाया गया, लेकिन नटवरलाल की मृत्यु 2011 में ही हो गई थी। इसी तरह दाहोद के लिमडी में एक 72 वर्षीय महिला की मृत्यु अप्रैल में हो गई थी। मई में उनके दूसरे खुराक लेनी की पुष्टि CoWIN पोर्टल ने कर दी। पूरे राज्य के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक वहां पर 10 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें मृतकों के नाम वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी हुआ है। वहीं इन मामलों पर अधिकारी जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं।

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