गुजरात में मूसलाधार बारिश, आसमान से गिरी बिजली ने घास चर रहे 60 बकरों को मार डाला, कोहराम
भुज। गुजरात के सौराष्ट्र में तेज बारिश के बीच आसमान से गिरी बिजली ने तांडव मचाया। कई स्थानों पर पेड़ गिरे और पशुओं की जान चली गई। भुज में बिजली गिरने से 60 बकरों की मौत हो गई। आसमानी बिजली की गड़गड़ाहट ने कोहराम मचा दिया। तालुका के विकास अधिकारी के मुताबिक, यह घटना कच्छ जिले के माता के मढ गांव में हुई, जहां माता के मढ सोढा कैंप में रहने वाले लीलाजी हीराजी सोढ़ा के ठिकाने पर बिजली से 60 बकरों की मौत हो गई। बकरे उस समय पहाड़ पर थे।

सौराष्ट्र में हुई बारिश और गिरी बिजली
बिजली गिरने से बकरों की जान चले जाने पर गांव के सेवाभागी लोग घटनास्थल पर पहुंचे। जहां गांव के उप-सरपंच ने तालुका विकास अधिकारी को सूचना दी। बताया जा रहा है कि, इस घटना में कोई जन-हानि नहीं हुई। हालांकि, बिजली गिरने से बकरा मालिक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। बकरों की मौत के बाद अन्य पशुपालकों की चिंता बढ़ गई। एक बुजुर्ग ने कहा कि, बकरे जंगल में घास चर रहे थे, तभी बिजरी गिरी। उसमें मालिक की जान बाल-बाल बच गई।

इधर, द्वारकाधीश मंदिर पर भी गिरी बिजली
इससे पहले गुजरात के द्वारका में स्थित विश्व-प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर के ध्वज-दंड पर भी आसमान से बिजली गिरी थी। बिजली गिरने से वहां मौजूद लोग कांप गए थे। बिजली गिरने पर मंदिर को क्षति तो नहीं हुई, लेकिन दीवारें काली पड़ गईं। साथ ही 52 गज ध्वजा को नुकसान हुआ। यह घटना मंगलवार दोपहर 2:30 बजे के लगभग हुई थी। एक पुजारी ने कहा कि, जिस ध्वज पर बिजली गिरी, उसका बड़ा महत्व रहा है। इसे 52 गज ध्वजा कहा जाता है। उन्होंने बताया कि, यह भारत का अकेला ऐसा मंदिर है, जहां दिन में 3 बार 52 गज की ध्वजा चढ़ाई जाती है। भक्तों के बीच इस ध्वजा को लेकर इतनी श्रद्धा है कि ध्वजा चढ़ाने के लिए कई बार उन्हें दो साल तक का इंतजार करना पड़ता है। अब ध्वज-दंड पर बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ, जब द्वारकाधीश मंदिर के किसी हिस्से पर आसमानी-बिजली गिरी है।












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