अब 15 मिनट में ही हो जाया करेगी कोरोना वाली जांच, 4 हजार रैपिड टेस्ट किट गुजरात पहुंचीं
अहमदाबाद। कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है या नहीं, यह पता कर पाना अब और आसान हो जाएगा। इसी के साथ गुजरात में पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी सुगम हो जाएगी। बी.जे. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रणय शाह के मुताबिक, 4 हजार रैपिड टेस्ट किट गुजरात पहुंच चुकी हैं। इनके जरिए अब कोरोना वाली जांच एक घंटे से भी कम समय में हो सकेगी।

15 मिनट में ही जाएगी कोरोना टेस्टिंग
बकौल डीन डॉ. प्रणय शाह, ''लोगों के रक्त में कोरोना वायरस की उपस्थिति को परखने के लिए एंटी बॉडी रैपिड टेस्ट किट दिल्ली से अहमदाबाद पहुंच गई हैं। ये 24 हजार किट दिल्ली से भेजी गई हैं। ये किट सिर्फ 15 मिनट में ही रक्त के नमूने की जांच कर रिपोर्ट कर सकती हैं। यही दावा पिछले दिनों इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने किया था। तब आईसीएमआर ने ही रैपिड एंटी बॉटी टेस्ट की मंजूरी दी थी।

गले या नाक के अंदर से सैंपल लिया जाएगा
आईसीएमआर ने इस बारे में केंद्र सरकार को यह भी कहा था कि विभिन्न राज्यों में इस तरह की टेस्टिंग कलस्टर क्वारंटाइन किए गए हॉट स्पॉट क्षेत्रों में की जा सकती है। बहरहाल, सरकार कोविड-19 की जांच के लिए आरसी-पीसीआर (पॉलिमेरीज चेन रिएक्शन) टेस्ट कर रही है। इसके तहत कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए संक्रमित व्यक्ति के गले या नाक के अंदर से नमूना लिया जाता है।

यहां डॉक्टरों ने बताई थी टेस्टिंग की पूरी प्रक्रिया
इसी माह की शुरूआत में राजकोट के पीडीयू कॉलेज स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब में कई डॉक्टरों ने वनइंडिया संवाददाता को कोरोना टेस्ट के प्रोसेस के बारे में बताया था। लैब के डीन डॉक्टर गौरवी ध्रुव और उनकी टीम ने कहा था कि, कोरोना के संक्रमण की पुष्टि एवं इलाज की प्रक्रिया को कई चरणों से गुजरना होता है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे पहला चरण मरीज के नमूने की जांच करने का है। छह घंटे की इस प्रक्रिया में जरा सी ग़लती से संक्रमित होने का खतरा होता है।

कोरोना लैब: इन 10 की टीम होती है खतरे के बीच
लैब के डीन डॉक्टर गौरवी ध्रुव और उनकी टीम द्वारा कोरोना टेस्ट की प्रक्रिया लाइव दिखाई गई थी। जिसमें सैंपल लेने के बाद का पूरा प्रोसेस और रिपोर्ट आने तक के चार चरण का ब्यौरा दिया गया। इस प्रोसेस में टीम के 3 रेसिडेंट डॉक्टर, 3 प्रोफेसर और 3 टेक्नीशियन एवं पियून समेत 10 लोग शामिल होते हैं। उन्हें ही संक्रमण होने का खतरा हर पल बना रहता है। इसलिए, ये लोग किसी बॉर्डर पर खड़े सैनिक की तरह खतरे से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं।












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