कच्छ की पाबीबेन ने कढ़ाई से कमाया दुनिया में नाम, अब देशवासियों से की यह खास अपील
कच्छ। पाबीबेन, यह गुजरात के कच्छ की रहने वाली वो महिला हैं, जिन्होंने रबारी कढ़ाई की वस्तुएं बना-बनाकर नाम रोशन कर दिया। आज दुनियाभर के लोग उन्हें शिल्पकार पाबीबेन रबारी के रूप में जानते हैं। इनका जन्म कच्छ के अंजार तालुका के भद्रोई गांव में हुआ था। यह ऐसा गांव है, जो पिछड़े इलाकों में आता था। जब पाबीबेन खुद के हुनर से आगे बढ़ती चली गईं तो उन्होंने खुद ही कंपनी स्थापित कर ली। अब दूर-दूर के लोग उनसे सीखने आते हैं। उन्होंने बहुत से लोगों को रोजगार भी दिलाया है।

"हरि-जरी" पारंपरिक रबारी कला बनी पहचान
विश्व प्रसिद्ध कढ़ाई और रबारी... कच्छ की पाबीबेन की पहचान हो गए हैं। उन्होंने कक्षा-4 तक पढ़ाई की। वह बचपन में ही अपने पिता की परछाई खो चुकी थी। उनके करीबी बताते हैं कि, तभी से उनके संघर्ष की कहानी शुरू हुई। पाबीबेन ने लोगों के घरों में काम करने से लेकर रोजी-रोटी जुटाने तक कई काम किए, आखिरकार उन्होंने "हरि-जरी" पारंपरिक रबारी कला के माध्यम से अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। इसके कारण उन्हें देश-दुनिया के लोग जान गए।

300 से ज्यादा तरह के बैग डिजाइन करा चुकीं
अब तक पाबीबेन अनेक महिलाओं को रोजगार दे चुकी हैं। अधिकांश कारीगर महिलाएं ही हैं। एक कारीगर ने बताया कि, उनकी कंपनी 300 से ज्यादा तरह के बैग डिजाइन करती है। जिसकी 40 से ज्यादा देशों में डिमांड है। आज तक देश-विदेश में कई सेमिनारों और प्रदर्शनी मेलों में भाग लेकर वह भारतीय कला को खास पहचान दिला चुकी हैं। उनकी वेबसाइट पर, उनके प्रोडक्ट्स के बारे में बताया गया है। उनकी कंपनी व्यक्तिगत और घरेलू उपयोग के लिए विभिन्न प्रकार के कलात्मक उत्पाद बेचती है।

देशवासियों से की यह अपील
75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाबीबेन ने देशवासियों से 'हर घर तिरंगा' फहराने की अपील की है। वहीं, वह अपनी संस्था और कारीगरों के साथ खुद भी आयोजन करेंगी। 13 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में पाबीबेन और उनके साथ काम करने वाली कारीगर बहनों के भी शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने अम़त महोत्सव सम्मान में अपने घरों में सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील की है।

बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित हुईं
पाबीबेन अब तक बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं। उन्हें केंद्रीय, राज्य सरकार और सामाजिक संगठनों के अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वह कहती हैं कि, अब मैं सभी कच्छ निवासियों और भारतीयों से अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होने की अपील कर रही हूं। तिरंगा हमारा गौरव है, हम सभी को इसे अपने घर, दुकान, संस्थान, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक घराने आदि में सम्मान के साथ फहराना चाहिए।












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