कोरोना से 103 मौतें, मरीजों की संख्या में देश में नं 1 की कगार पर गुजरात, सरकार ने टेस्ट घटाए
अहमदाबाद। कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते लोगों की मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। गुजरात में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 100 पार चला गया है। यहां अब तक 103 लोग दम तोड़ चुके हैं। बुधवार को 13 संक्रमित मरीजों की मौत होने का पता चला। इतना ही नहीं, बीते 24 घंटों में संक्रमण के 229 नए मामले सामने आए हैं। जिनमें अहमदाबाद से 128 और सूरत से 68 मामले दर्ज हुए।

राज्य में अब तक 179 लोग ठीक हुए
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि, बुधवार को 40 मरीज स्वस्थ होने के कारण उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके साथ ही कुल स्वस्थ हुए लोगों की संख्या 179 हो गई। विभाग की सचिव जयंती रवि ने कहा कि, अब सरकार ने यह निर्णय लिया गया है कि हर रोज 2000 की सीमा के भीतर ही लोगों के टेस्ट किए जाएंगे। जैसा कि, पिछले कुछ समय से गुजरात में टेस्ट करने की गति बढ़ाई गई, तो पॉजिटिव केसेस की संख्या में भी तेजी से वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि, अब यह पिछले दो दिनों में कम हुआ है। एक समय में, 24 घंटे के भीतर राज्य में लगभग 4,000 परीक्षण किए गए थे, लेकिन अब यह आंकड़ा आधा हो गया है। ऐसा हाल ही में नए पॉजिटिव केसेस की संख्या में गिरावट के कारण है।

कोरोना मामलों में दूसरे नंबर पर पहुंचा गुजरात
राज्य सरकार के लिए यह बहुत ही झटका देने वाला सच है कि, कोरोना पॉजिटिव केसेस की संख्या के मामले में गुजरात देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। इस मामले में अब यह नंबर-1 बनने की कगार पर है, जिसे देखते हुए सरकार चेत गई है। हालांकि, इस स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय सरकार ने अब टेस्ट की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। साथ ही 24 घंटे में दो बार के बजाय आज से एकबार ही आंकड़े दिए जाने की घोषणा की है। अचानक घटाए गए टेस्ट पर सवाल उठने के कारण अब दिन में एक बार ही आंकड़ों की घोषणा करने का ही निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।

कम टेस्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने दी यह सफाई
टेस्ट कम किए जाने के सरकार के फैसले पर सफाई देते हुए जयंती रवि ने कहा है कि, टेस्ट कम करने की बात ग़लत है। हमारे पास उपलब्ध साधनों के हिसाब से दिन में तकरीबन 3 हजार टेस्ट किए जाएंगे। साथ ही संक्रमण रोकने के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रो में कर्फ्यू लगाया गया है और तमाम जरूरी कदम राज्य सरकार उठा रही है। लोगों को हो रहे कन्फ्यूजन को ध्यान में रखते हुए ही दिनमें एक बार आंकड़े घोषित करने का निर्णय लिया गया है। आंकड़े छुपाने के लिए सरकार ऐसा कर रही है, यह कहना सरासर गलत होगा।

कोरोना को फैलने में सहायक है एसी का कम इस्तेमाल
जयंती रवि ने आगे कहा कि, गांवों में बस रहे लोगों के लिए मोबाईल टेस्टिंग यूनिट कार्यरत किए गए हैं। जिससे उनको शहर आकर संक्रमण का भागी बनने से बचाया जा सकेगा। प्रत्येक तहसील में स्थित अस्पताल में रहकर यह यूनिट गांव-गांव जाकर लोगों का टेस्ट करेगी। साथ ही आईसीएमआर की मंजूरी मिलते ही रेपिड टेस्ट भी शुरू किए जाएंगे। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए एयरकंडिशन का उपयोग कम करने की सलाह भी उन्होंने दी।












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