गुजरात: खेत में खड़ी गन्ने की फसल पर चले बुलडोजर, मेहनत पर पानी फिरते देख रोए किसान
सूरत। गुजरात में सूरत के सरथाणा के निकट कैनाल रोड के पास चल रहे फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के दौरान डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) ने स्थानीय किसानों की खड़ी फसल पर बुलडोजर चलवा दिया। फ्रेट कॉरिडोर के लिए खेत में सरफेस बनाया जा रहा था, जिसका किसान यह कहकर विरोध कर रहे थे कि, लगभग 15 दिन और दे दें। 15 दिन में फसल तैयार हो जाएगी, जिससे कोई नुकसान भी नहीं होगा। मगर, डीएफसी ने किसानों की मांग नहीं मानी। सोमवार को तैयार फसलों पर बुलडोजर चलवा दिया गया। यह देखकर किसानों की आंखों से आंसू बहने लगे। हालांकि, काफी स्थानीय किसानों ने इस दौरान हंगामा भी किया।

अपनी गन्ने की फसल को बर्बाद होता देख एक किसान धनसुख पटेल बोले, ''हमारी मांग थी कि वे हमें 15 दिन और दे देते। ताकि इतने समय में गन्ने की फसल तैयार हो जाती। उसके बाद यहां खुदाई वगैरह करा लेते, ताकि हमें हमारी मेहनत की कमाई भी मिल जाती। लेकिन, हमारे मना करने के बावजूद खड़ी फसलों पर बुलडोजर चलवा दिया गया। जहां तक मुआवजे की बात है तो हमें इसके लिए मुआवजा भी कम दिया गया। इसके लिए हमने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई। जो हमारी जमीन थी, वहां आज की मार्केट वेल्यू 15,700 रुपए है और इसी के हिसाब से हमें मुआवजा चाहिए है। किंतु डीएफसी हमें फसल का 2000 से 2500 रुपए एकड़ के हिसाब से ही मुआवजा देना चाहती है।''
फसल पर बुलडोजर चलने से पहले कई अन्य स्थानीय किसानों का कहना था कि अब शुगर फैक्ट्री खुल गई हैं, तो वे गन्ना वहां पहुंचाएंगे, क्योंकि वहां सही दाम मिल जाते हैं। ऐसे में किसानों की डीएफसी से मांग थी कि 15 दिन और रुक जाते तो ये गन्ने की फसल तैयार हो जातीं। अब तो फसल बर्बाद हो गई।'













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