Gorakhpur News: अंग्रेजी विभाग में नए शोधार्थियों के लिए आयोजित हुआ विशेष सत्र
Gorakhpur News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में आज नए पीएचडी शोधार्थियों के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में शोधार्थियों ने अपने शोध विषयों और व्यक्तिगत रुचियों को साझा किया। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि शोधार्थियों द्वारा चुने गए विषय प्रासंगिक और समकालीन महत्व के हैं। इनमें क्वियर थ्योरी, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ,भारतीय ज्ञान परंपरा, भगवद गीता, पर्यावरण, ईको-फेमिनिज्म, पौराणिक कथाएं (माइथोलॉजी), डिस्टोपिया, सोशल मीडिया, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसे विषय शामिल हैं।
प्रोफेसर शुक्ला ने विशेष रूप से शोधार्थियों की विविधता और उनकी रुचियों की प्रशंसा की और कहा कि बदलते दौर में शोध के ट्रेंड्स को समझना आवश्यक है .इस कार्यक्रम में ऋचा पल्लवी, रोहिणी, श्रेया पांडे, विशाखा, नितेश ,गुंजन, नंदिनी, जगदंबा, अंबिका, श्रेया सिंह, अंकित, , नूतन , चंदन , दीपक , सूरज ,स्मृति वर्मा ,अंजलि, आयुषी, मुक्तेश, राजेश, सौरभ, सुरभि, वंदना, और अंजनी सहित चालीस शोधार्थियों ने भाग लिया। उनके लिए विभाग की गतिविधियों पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री भी प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखायी गई .

सत्र में वरिष्ठ शोधार्थियों ने भी नए शोधार्थियों के साथ संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शोध की प्रक्रिया, विषय चयन, और शोध लेखन में आने वाली चुनौतियों के बारे में उपयोगी सुझाव दिए। वरिष्ठ शोधार्थियों ने नए शोधार्थियों को विभागीय शोध मंच के माध्यम से सक्रियता से जुड़ने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रोफेसर पूनम टंडन का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने अपने संदेश में कहा कि शोध केवल अकादमिक प्रगति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण साधन है। प्रोफेसर टंडन, जो हमेशा नई शोध पहलों को प्रोत्साहन देती हैं, ने शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने विषयों पर गहनता से कार्य करें और अपने शोध से समाज में बदलाव लाने का प्रयास करें।
यह सत्र न केवल शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, बल्कि उनके शोध कार्य और विषयों को लेकर नई ऊर्जा और दृष्टिकोण प्रदान करने में सहायक रहा।












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