Ground Report: वक्फ बोर्ड संशोधन बिल का गोरखपुर में हो रहा विरोध, क्यों बताया जा इसे गैरकानूनी?
Waqf Board Amendment Bill News Gorakhpur Uttar Pradesh: केंद्र सरकार इसी हफ्ते संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित कर सकती है। यह बिल सबसे पहले राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल के पास होते ही वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम हो जाएंगी और महिलाओं को शामिल करना अनिवार्य हो जायेगा। इस बिल पर वन इंडिया हिंदी रियोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने गोरखपुर के कुछ लोगों से बातचीत की सीएम सिटी में रहने वाले इन लोगों ने इसका पूरा विरोध किया है।
जो सरकार को करना चाहिए वह नही कर रही
वक्फ के मामले कई दशकों से देखते चले आ रहे गोरखपुर दीवानी कचहरी में बैठने वाले अनुभवी वकील अकबर अली मेकरानी कहते हैं कि वक्फ बोर्ड के लिए सरकार को जो करना चाहिए वह नहीं कर रही बल्कि जो नही करना चाहिए वह कर रही है।

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शक्तियां कम करने और महिलाओं को शामिल करने से क्या होगा?
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अकबर अली कहते हैं कि केंद्र सरकार इस वक्फ बिल में जो संशोधन करने जा रही है और इसकी शक्तियों में जो कमी करने जा रही है उसका कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही महिलाओं को शामिल करने का कोई मतलब नहीं है।
वक्फ की संपतियों को सुरक्षित करने का हो काम
अकबर अली कहते हैं कि सबसे पहले वक्फ की संपत्तियों को सुरक्षित करने का काम सरकार को करना चाहिए। इसका हाल जानने वाला कोई नहीं है।
वक्फ बोर्ड के लोग ही संपतियों को कर रहे बर्बाद
अकबर अली कहते हैं कि वक्फ बोर्ड के लोग ही इसकी संपतियों को बर्बाद करने पर लगे हैं। जो देख रेख करने वाले मुवतवल्ली हैं वो ही इसकी संपतियों को धोखे से बेचने का काम कर रहे हैं। ऐसे में यह संपत्ति पहले से कम हो गई है। मोहद्दीपुर, बक्शीपुर, नखास सहित बहुत सी जगहों पर वक्फ की संपत्ति में भारी कमी आई है। इस पर रोक लगाना चाहिए।
मामलों की सुनवाई जिले स्तर पर हो
अकबर अली कहते हैं कि वक्फ बोर्ड के तमाम मलाले लंबित हैं। इसकी वजह यह है कि कोई भी सुनवाई लखनऊ में होती है। जिससे गरीब लोग समय समय पर शामिल नहीं हो पाते हैं। इसके साथ ही यह खर्चीला है। इसमें सुधार करते हुए वक्फ के मामलों को जिले स्तर पर ही सुनकर खत्म करने की आवश्यकता है।

अवैध कब्जे को हटाया जाए
एडवोकेट सलीम अंसारी कहते हैं कि वक्फ बोर्ड का गठन इसलिए किया गया था कि इसकी संपतियों को संरक्षित और सुरक्षित करने का कार्य हो सके। जो नहीं हो रहा है। ऐसे में सरकार को संशोधन करने की जगह इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
महिलाओं को शामिल करने से क्या होगा
अफजल खान कहते हैं कि सरकार इस बोर्ड की शक्तियों को कम करके क्या करेगी। साथ ही महिलाओं को शामिल करने से भी कोई फायदा होने वाला नहीं है।

पूरी तरह गैर कानूनी और न्यायविरुद्ध
मोहम्मद अहमद एडवोकेट कहते हैं कि केंद्र सरकार जो वक्फ बिल में संशोधन करने जा रही है वह पूरी तरह गैर कानूनी और न्यायविरुद्ध है। सरकार को इसमें दखल करने का कोई हक नही है। वक्फ बोर्ड के नियमों को बदलना उचित नही है।












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