'जब जुगानी भाई को सुनने का बेसब्री से लोग करते थे इंतजार...,' पूर्व शिक्षक की ये बातें कर देंगी भावुक
Jugani Bhai Death News In Hindi Gorakhpur Uttar Pradesh: भोजपुरी को एक नई ऊंचाई और दिशा देने वाले गोरखपुर आकाशवाणी के उद्घोषक , जुगानी भाई के नाम से लोकप्रिय रविन्द्र श्रीवास्तव अब इस दुनिया में नहीं रहे। शुक्रवार को बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की सूचना मिलते ही शोक की लहर दौड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर शेयर कर भारी संख्या में लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं। इसी बीच वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर ने महराजगंज जिले के रहने वाले जुगानी भाई के अच्छे परिचितों में एक पूर्व शिक्षक व वरिष्ठ पत्रकार विनोद कुमार श्रीवास्तव से खास बातचीत की । इस दौरान उन्होंने जुगानी भाई के बारे में कई रोचक बातें बताई। इनके निधन पर गोरखपुर के मेयर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव, भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार जगदीश लाल सहित तमाम लोगों ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
जब किसान करते थे इंतजार
बात 80 - 90 दशक की है। तब इंटरनेट तो दूर की बात है , घरों में टीवी नहीं हुआ करता था। तब रेडियो लोगों के मनोरंजन का प्रमुख साधन था। उस समय जुगानी भाई का कार्यक्रम ' पंचों जय जवान, जय किसान ' आकाशवाणी पर आता था। मै खुद शाम होते ही उनका कार्यक्रम सुनने के लिए रेडियो ऑन कर लेता था। इस कार्यक्रम ने उन्हें किसानों में बेहद लोकप्रिय बना दिया। किसान उनकी आवाज सुनने के लिए कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार करते थे। आकाशवाणी के उद्घोषक के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

था सादा जीवन
पूर्व शिक्षक बताते है कि पूर्वांचल में भोजपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार जुगानी भाई का कद जितना बड़ा था वह उतना ही सादा जीवन जीते थे। उनका सरल स्वभाव और सहजता आज भी प्रेरणा देती है।












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