Harishankar Tiwari News: पूर्वांचल के सबसे बड़े बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी का कुछ ऐसा रहा सफर
Harishankar Tiwari पूर्वांचल के सक्रिय बाहुबली नेता थे। वह कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती, मुलायम सिंह यादव सहित कई लोगों की सरकार में मंत्री थे।

Harishankar tiwari News: उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी का मंगलवार को उनके गोरखपुर स्थित आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। आज बलहलगंज मुक्तिधाम पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक समय ऐसा था जब वह पूर्वांचल के सबसे बड़े बाहुबली नेता थे। लेकिन इधर लंबे समय से अस्वस्थ होने के कारण वह सक्रिय राजनीति से दूर थे। आइए एक नजर डालते हैं उनके अब तक के सफर पर-
बड़हलगंज के टांडा गांव में जन्म
हरिशंकर तिवारी का जन्म बड़हलगंज के टांडा गांव में वर्ष 1935 में हुआ। उनका क्षेत्र में दबदबा इस तरह था कि अपने क्षेत्र की राजनीति में एक क्षत्र राज था। वह 22 वर्षों तक चिल्लूपार विधानसभा से लगातार 6 बार विधायक रहे।
कल्याण सिंह सरकार में पहली बार मंत्री बने
हरिशंकर तिवारी वर्ष 1998 में पहली बार कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री बने। इसके बाद वह राम प्रकाश गुप्ता व राजनाथ सिंह के समय में भी मंत्री रहे। मुलायम सिंह यादव व मायावती सरकार में भी मंत्री रहे। यह समय था 2003 से 2007 का। जहां कल्याण सिंह की सरकार में वह साइंस व टेक्नोलॉजी मंत्री, वहीं जय प्रकाश की सरकार में स्टांप रजिस्ट्रेशन मंत्री थे।
जब जेल में बंद होने के बाद भी जीते थे चुनाव
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद जब देश में कांग्रेस की लहर थी उस समय साल 1985 में में जेल में बंद होते हुए भी उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मार्कंडेय चंद को हराया था। विश्वविद्यालयों में वर्चस्व की लड़ाई की शुरुआत हो चुकी थी। उस वक्त हरिशंकर तिवारी गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता के रूप में बड़ा नाम बनकर उभरे थे।

जब हार गए चुनाव
एक समय ऐसा आया जब राजनीति में उनकी हार हुई। वह समय था साल 2007 जब वह चिल्लूपार विधानसभा से हार गए थे। पूर्व पत्रकार राजेश त्रिपाठी ने उन्हें शिकस्त दी थी। उनकी इस हार से सभी चकित थे। 2012 में दोबारा हार मिलने के बाद उन्होंने यह क्षेत्र अपने पुत्र विनय शंकर तिवारी को सौंप दीं।
लंबे समय से राजनीति से थे दूर
इधर काफी लंबे समय से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे। बिमारी की वजह से वह अस्वस्थ होने के कारण उन्होंने यह दूरी बनाई थी।












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