National Girl Child Day 2023: गोरखपुर में कम हो रही बेटियां,घट रहा लिंगानुपात
आकड़ों के मुताबिक गोरखपुर में पिछले पांच सालों में बेटियों की संख्या में कमी आयी है। इसके साथ ही प्रति एक हजार पुरुषों महिलाओं की संख्या में भी कमी आयी है।

Gorakhpur News: आज राष्ट्रीय बालिका दिवस है। प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को यह मनाया जाता है। 24 जनवरी,1966 को इंदिरा गांधी ने महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तभी से यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरुक बनाना है। गोरखपुर में बेटियों की संख्या में लगातार कमी आयी है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में लड़कियों की संख्या में कमी देखने को मिली है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के आकड़ों में इसका खुलासा हुआ है।
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आकड़ों के मुताबिक,वर्ष 2015-16 में इस सर्वे में गोरखपुर शून्य से पांच साल तक बच्चों में लड़कियों की संख्या प्रत्येक एक हजार लड़कों पर 951 थी।इसी साल प्रत्येक एक हजार पुरुषों पर महिलाओं संख्या 1098 थी। लेकिन वर्ष 2021-2022 के आकड़ों के मुताबिक,शून्य से पांच साल तक आयु वर्ग में लड़कियों की संख्या घटकर 943 हो गयी है।जबकि प्रत्येक एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 1089 हो गयी है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मंगलवार को रेलवे द्वारा बेटियों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। साथ ही एक अभिवावक का भी प्रवेश होगा। इसके साथ ही वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी अपंजीकृत अस्पताल व झोलाछाप डॉक्टर भ्रूण हत्या को अंजाम दे रहे हैं। जिले में 288 केंद्र पंजीकृत हैं। इन पंजीकृत केंन्द्रों पर रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। इसके अलावा भारी संख्या में अपंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड सेंटर भी हैं।
वर्तमान समय में केंद्र व प्रदेश सरकार भी बेटिेयों की संख्या बढ़ाने व उन्हें बढ़ावा देने का लगातार प्रयास कर रही हैं। सरकार की कई योजनाएं बेटियों की शिक्षा से लेकर उनके विवाह तक की व्यवस्था कर रही हैं। ऐसे में समाज के हर वर्ग के लोगों को बेटियों के लिए आगे आना होगा। सोच बदलने के साथ ही बेटियों की प्रति सकारात्मक भावना का आना जरुरी है।
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